स्मृति शेष:अस्पताल में भाेजन सेवा की, बच्चों को बांटते थे कॉपी-किताबें

राजगढ़6 महीने पहले
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  • चित्रकार, सेवानिवृत्त शिक्षक और समाजसेवी मनोहर सिंह गुप्ता का निधन

शहर में अपनी चित्रकला, आध्यात्मिक विचारों, समाजसेवा से उदाहरण बन चुके 86 वर्षीय शिक्षक मनोहर सिंह गुप्ता का जाना बुद्धिजीवी समाज के लिए शून्यता पैदा करने वाला है। एक शिक्षक के दायित्वों से ऊपर उठ कर उन्होंने विभिन्न भूमिकाओं मे अपनी छाप समाज पर छोड़ी। वह शिक्षक, चित्रकार, समाजसेवी के साथ रामचरित मानस मर्मज्ञ भी थे। जिला अस्पताल परिसर में मरीजों एवं उनके अटेंडरों के लिए भोजन व्यवस्था करने अाैर माेहनपुरा गांव के बच्चाें काे काॅपी, पेन और किताबें उपलब्ध कराने का कार्य वे अंतिम समय तक कराते रहे।

एक अप्रैल 1936 को जन्मे श्री गुप्ता मुंबई के प्रतिष्ठित जेजे स्कूल आफ आर्ट से पढ़ाई करने के बाद शहर लाैटे और कला शिक्षक के रूप में कार्य शुरू किया। इसके बाद श्री सिंह करने ने गीता मानस प्रचार समिति से जुड़कर मानस मर्मज्ञ बने, भगवत गीता के टीकाकार के रूप में स्वयं को स्थापित किया। पारायण चौक में होने वाले प्रवचन के दौरान देशभर के शंकराचार्य व महान संतों को आमंत्रित कर शहर को उनसे रूबरू होने का अवसर प्रदान किया।

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