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भास्कर पड़ताल:सीएम, कलेक्टर के आदेश, फिर भी हलकों में नहीं पहुंचे पटवारी, अधिकांश पंचायतों में लगे थे ताले

राजगढ़2 महीने पहले
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  • सख्त कार्रवाई के निर्देश के बावजूद अधिकांश हलकों में नहीं मिले पटवारी

ग्राम पंचायत कार्यालय खजूरी में गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे भवन में ताला लगा था। पास ही मिले पूर्व सरपंच बालू सिंह ने बताया कि गांव में पंचायत भवन खोलने के लिए न तो सचिव आया और न ही पटवारी ही आए हैं। पंचायत के बाहर खड़े केदार सिंह ने बताया कि पटवारी से जमीन संबंधी ओर खाता लिंक कराने का काम है। इसलिए पटवारी का दो सप्ताह से इंतजार कर रहा हूं, लेकिन वह नहीं मिल रहे हैं। ऐसे ही हालात गुरुवार काे जिले की दर्जनभर से ज्यादा ग्राम पंचायत कार्यालयों मेें देखने काे मिले। यह स्थिति तब है जब कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह निर्देश जारी कर चुके हैं कि पटवारी साेमवार और गुरुवार काे अपने हल्का मुख्यालय पर रहकर राजस्व प्रकरण और जमीन से जुड़ी लाेगाें की समस्याएं हल करें। कलेक्टर भी इस संबंध में निर्देश दे चुके हैं। अब सभी पटवारियों काे हर सोमवार व गुरुवार को गांव में रुककर लोगों की समस्याओं का समाधान करना है। ऐसा करने में लापरवाही करने वाले पटवारियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद जिले के अधिकांश हल्कों में पटवारी गुरुवारको बैठे ही नहीं। जब भास्कर द्वारा एक दर्जन से अधिक पंचायत की पड़ताल की तो कहीं भी पटवारी नहीं मिले, कुछ जगह पंचायत भवन खुले मिले तो पटवारी नहीं मिले, वहीं कई जगह तो भवन में ताला लगा मिला।

जानिए.... भास्कर टीम को अलग-अलग पंचायतों में दिखाई दिए ऐसे हालात

1. पंचायत भवन में लगा था ताला
ग्रापं: करेड़ी, समय:11.30

स्थिति: पंचायत भवन परिसर का ताला खुला था, जहां बिजली बिल जमा करने वाले लोग खड़े थे लेकिन पंचायत भवन में ताला लगा था। ना तो यहां पटवारी और ना ही सचिव। ग्रामीण रामसिंह, शिवसिंह ने बताया कि उन्हें जमीन संबंधी काम था, लेकिन पिछले दो सप्ताह से आ रहे हैं पर उन्हें पंचायत में पटवारी नहीं मिले।

2. न पटवारी माैजूद थे न सचिव
ग्रापं: गोरखपुर, समय:11.45

स्थिति: पंचायत भवन में ताला लगा था, ना तो पटवारी और ना ही सचिव मौजूद थे। वहीं परिसर में भी कोई ग्रामीण नहीं मिला। परिसर में साफ-सफाई नहीं थी, गांव के भी यहीं हालात थे। पटवारी मुख्यालय पर अभी तक पहुंचे नहीं, इसलिए ग्रामीणों को भी इसकी जानकारी नहीं है कि इस तरह गांव में पटवारी आकर बैठेंगे।

3. पंचायत में काेई आया ही नहीं
ग्रापं: रामपुरिया, समय: 12:20

स्थिति: पंचायत भवन में ताला लगा हुआ था, समीप का स्कूल भवन खुला था। हमें देख एक शिक्षक ने बताया कि यहां सुबह से कोई नहीं आया। उन्होंने बताया कि उन्हें खुद को पटवारी से काम है, स्कूल के नाम से साढ़े 4 बीघा जमीन है लेकिन उसका सीमांकन नहीं किया। पंचायत ने बिना सीमांकन किए गड्ढे खोद दिए, आंगनवाड़ी का रास्ता भी बंद हो गया।​​​​​​​

ग्रामीण बोले: सोमवार-गुरुवार ताे दूर, आज तक पटवारी की शक्ल नहीं देखी
खिलचीपुर के बरखेड़ा निवासी मदनलाल, राकेश प्रभुलाल, गुलाबसिंह ने बताया कि उन्हें बंटवारा, सीमांकन सहित अन्य कार्य कराना है। ऐसे में पटवारी के सोमवार व गुरूवार मुख्यालय पर बैठना तो दूर उन्होंने पटवारी की शकल तक नहीं देखी। यह कब हल्के में आते है और कब चले जाते है। यह किसी को पता नहीं है। गांव के रामलाल ने कहा कि सीएम की योजना है कि किसानों को 4 हजार रुपए खाते में और आना है। इसके लिए अपना खाता लिंक करवाना है, लेकिन पटवारी के अभाव में यह कार्य नहीं हो पा रहा।

निर्देश इसलिए... ताकि तत्परता से मौके पर रहकर समाधान करें
राजस्व प्रकरणों एवं भूमि संबंधी समस्याओं के तत्परता से निराकरण के लिए पटवारियों को सोमवार और गुरुवार अपने पटवारी हलके के मुख्यालय पर रहने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश जारी किए हैं। इसके बाद कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने महीनेभर पहले आदेश निकालकर पटवारियों को ग्रामीण मुख्यालय पर रहने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी अधिकांश पटवारी पंचायत मुख्यालय पर नहीं पहुंच रहे हैं।

जानिए... जिले में 640 हल्के, इनमें 443 पटवारी कार्यरत
जिले के 18 शहरी और ग्रामीण हल्का क्षेत्र 622 हैं। इनमें 443 पटवारी इस समय पदस्थ हैं। जबकि 476 पद स्वीकृत हैं। कुछ ही हल्कों का पटवारी को डबल चार्ज दिया गया है। इसके बावजूद अक्सर शिकायतें आती हैं कि पटवारी महीनों तक हल्का क्षेत्रों में नहीं जाते। इतना ही नहीं उनके मोबाइल नंबर भी अक्सर बंद मिलते हैं। भू-अभिलेख शाखा अधीक्षक राजेंद्र चौरसिया ने बताया कि पटवारी को सोमवार और गुरुवार को हल्के में उपस्थित रहने के आदेश दिए हैं।

इन पंचायत भवनों में भी दिखे यही हालात
गुरूवार को भास्कर ने एक दर्जन से अधिक गांवों में फोन पर ग्रामीणों से चर्चा की तो पता चला कि यहां भी पटवारी नहीं पहुंचे हैं। बोरकापानी गांव में पंचायत में ताला लगा हुआ था, जहां ना तो सरपंच बैठते हैं और ना ही सचिव। धीरपसिंह, अर्जुन, बजरंगसिंह, बबलू ने बताया कि उन्हें पटवारी व सचिव से काम है, लेकिन कभी मुख्यालय पर नहीं आते ओर न ही फोन उठाते हैं। इसी तरह बरखेड़ा में भी भवन में ताला लगा मिला। जबकि बांसखेड़ी गांव में भी पटवारी नहीं पहुंचे। यहीं हालात अन्य गांव के हैं।
अनुपस्थित मिले ताे करेंगे निलंबित
^सभी पटवारियों को दो दिन हल्का मुख्यालय पर जाने को कहा है। यदि इसके बाद भी काेई पटवारी मुख्यालय पर नही जा रहे हैं तो अाैचक जांच कराई जाएगी। पटवारियों के अनुपस्थित मिलने पर निलंबन की कार्रवाई होगी।
-नीरज कुमार सिंह, कलेक्टर राजगढ़।​​​​​​​






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