महिला दोस्त की ब्लैकमेलिंग से तंग ASI ने खाया जहर:भोपाल में मौत, गांव की गोरी ने दिया धोखा, गाने के शौकीन थे मालवीय

राजगढ़8 महीने पहले
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महिला ​दोस्त की ब्लैकमेलिंग से तंग आकर राजगढ़ के ASI राजेंद्र मालवीय ने जहर खा लिया। भोपाल में 10 दिन तक इलाज चला। शुक्रवार को उनकी मौत हो गई। राजगढ़ के इस पुलिस अफसर को गाने का बहुत शौक था। इसके बाद उनका VIDEO सोशल मीडिया पर शेयर हो रहा है। इसमें वह मेरे नैना सावन भादो... फिर भी मेरा मन प्यासा... गाते नजर आ रहे हैं। यह उनका आखिरी गाना था।

बारेलाल बैंड वाले के बेटे थे मालवीय
पूरे मध्य प्रदेश में नरसिंहगढ़ के जिस बारेलाल बैंड के नाम का डंका बजता है। ASI राजेंद्र मालवीय, उसी बैंड के मालिक बारेलाल मालवीय के बेटे थे। नरसिंहगढ़ के बारहद्वारी मोहल्ले में रहने वाले मालवीय ने वहीं के कॉलेज से बीकॉम किया था। कॉलेज की पढ़ाई के दौरान ही पिता बारेलाल का निधन हो गया। पिता की मौत के बाद 1995 में उनका चयन पुलिस विभाग में हो गया। पिछले डेढ़ साल से राजेंद्र करनवास थाने में पदस्थ थे। ASI के तीन बच्चे हैं। बड़ी बेटी वैष्णवी (21वर्ष), भावेश (12वर्ष) और जयस (10वर्ष)।

गांव की रहने वाली गीता से ऐसे हुई दोस्ती
दोस्तों की मानें तो नरसिंहगढ़ के रहने वाले राजेन्द्र मालवीय की पहचान कुछ समय पहले राजगढ़ में उन्हीं के गांव की रहने वाली गीता से हुई थी। बातचीत बढ़ी तो दोनों में गहरी दोस्ती हो गई। महिला ने दोस्ती में दगा करते हुए राजेंद्र को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। जिससे परेशान राजेंद्र ने 12 जनवरी को दोपहर साढ़े 3 बजे करनवास की एक होटल में खाना खाने के दौरान जहर की दो गोली खा ली। तबीयत बिगड़ने पर होटल संचालक ने पुलिस को सूचना दी और उन्हें अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें भोपाल रेफर कर दिया गया था। भोपाल के निजी अस्पताल में 10 दिन तक चले इलाज के बाद उन्हें LBS अस्पताल में भर्ती किया गया। जहां बचाने की तमाम कोशिशों के बाद भी दोनों किडनी खराब हो जाने से शुक्रवार को ASI राजेंद्र ने दम तोड़ दिया।

मामले में धाराएं बढ़ाएगी पुलिस
पुलिस के मुताबिक, नरसिंहगढ़ की रहने वाली गीता की ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर ASI ने जहर खाया था। करनवास पुलिस ने गीता के खिलाफ धारा 384 के तहत मामला दर्ज किया था। ASI की मौत के बाद मेडिकल रिपोर्ट आने पर धारा बढ़ाते हुए महिला को गिरफ्तार किया जाएगा।