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हिंदू पंचाग का तीसरा माह:ज्येष्ठ मास शुरू, गंगा दशहरा सहित 8 त्योहार मनेंगे

राजगढ़24 दिन पहले
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  • 10 जून को शनि जयंती और वट सावित्री व्रत के अवसर पर होगी आराधना

ज्येष्ठ मास शुरू हो गया है। हिंदू पंचांग का यह तीसरा महीना है, जो 27 मई से शुरू हुआ है और 24 जून तक रहेगा। सामान्य तौर पर इस महीने में गर्मी चरम पर रहती है। इस माह सूर्यग्रहण के साथ वट अमावस्या, गायत्री जयंती, निर्जला एकादशी, शनि जयंती तथा गंगा दशहरा जैसे त्योहार भी रहेंगे।

रविवार को संकष्टि चतुर्थी मनाई जाएगी। पंडित राधारमण त्रिपाठी ने बताया कि ज्येष्ठ माह के कृष्णपक्ष की चतुर्थी तिथि पर भगवान गणेश जी की पूजा के लिए ये व्रत किया जाता है। संकष्टी चतुर्थी को व्रत करने से परेशानियां दूर होती हैं।

6 जून अपरा एकादशी

ज्येष्ठ महीने के कृष्णपक्ष की एकादशी को अपरा एकादशी या अचला एकादशी भी कहा जाता है। ये व्रत 6 जून को किया जाएगा। अपरा एकादशी के दिन तुलसी, चंदन, कपूर, गंगाजल सहित भगवान विष्णु की पूजा की जाती है।

10 जून शनि जयंती

ज्येष्ठ महीने की अमावस्या तिथि को शनि जयंती के रूप में मनाया जाता है। ये पर्व 10 जून को है। ग्रंथों के अनुसार इस दिन शनि देव का जन्म हुआ था। व्रत और शनि पूजा करने से कुंडली में शनि दोष खत्म हो जाते हैं। हर तरह की परेशानियां इस व्रत से दूर होती हैं।

10 जून वट सावित्री व्रत

ज्येष्ठ महीने की अमावस्या तिथि पर वट सावित्रि व्रत भी किया जाता है। इस व्रत पर बरगद के पेड़ की पूजा और परिक्रमा की जाती है। पूजा के बाद सत्यवान और सावित्री की कथा सुनाई जाती है। इस व्रत को करने से पति की उम्र बढ़ती है और परिवार में समृद्धि बढ़ती है। ये व्रत 10 जून को किया जाएगा।

13 जून रम्भा तृतीया

ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की तृतीया पर रम्भा तृतीया व्रत किया जाता है। इस दिन देवी पार्वती की पूजा की जाती है। ये व्रत एक साल तक किया जा सकता है। रम्भा तृतीया व्रत खासतौर से महिलाओं के लिए ही होता है। इस व्रत को करने से सौभाग्य प्राप्त होता है। रंभा ने इसे सौभाग्य प्राप्ति के लिए ही किया था। ये व्रत 13 जून को किया जाएगा।

20 जून गंगा दशहरा

ज्येष्ठ महीने के शुक्लपक्ष की दशमी को ये व्रत किया जाता है। इस दिन गंगा स्नान और विशेष पूजा की जाती है। इसके साथ ही इस दिन दान का भी महत्व है। ये व्रत 20 जून को किया जाएगा।

21 जून निर्जला एकादशी

हिन्दू कैलेंडर के ज्येष्ठ महीने के शुक्लपक्ष की एकादशी तिथि यानि 21 जून को निर्जला एकादशी का व्रत किया जाता है। इस व्रत में पानी पीए बिना रहा जाता है।

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