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कोरोना का कहर:ऑक्सीजन की खपत चार गुना बढ़ी, 25 की बजाय लग रहे 100 सिलेंडर

राजगढ़11 दिन पहले
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  • कोविड आईसीयू में जितने बेड उतने मरीज, गंभीर को भर्ती करने दूसरे को करते हैं रेफर या डिस्चार्ज

कोरोना के बढ़ते संक्रमण के कारण स्थिति बिगड़ती जा रही है। हालात यह हैं कि जिला अस्पताल के काेविड आईसीयू में जितने बेड है, उतने की मरीज भर्ती है। एेसे में यदि किसी गंभीर संक्रमित मरीज को भर्ती करना हो तो वहां आईसीयू में पहले से भर्ती किसी मरीज को डिस्चार्ज या रेफर करना पड़ता है। इसके बाद ही नया मरीज भर्ती हो सकता है। कोविड वार्ड में 24 घंटे डॉक्टर की तैनाती भी नहीं रहती जिससे गंभीर मरीज नर्सों की देखरेख में रहते हैं। ऑक्सीजन की खपत भी 25 की बजाय 100 सिलेंडर की हाे गई है। जिला अस्पताल में 29 बैड का कोविड आईसीयू है। इसमें 10 पलंग पर आईसीयू है, जिनमें 4 वेंटिलेटर लगे हैं। वार्ड इस समय कोरोना मरीजों से भरा है। इसके बाद भी प्रबंधन ने बेड नहीं बढ़ाए हैं। सुबह ओपीडी से पहले भर जाते हैं बेड: 29 बैड के कोविड आईसीयू में 12 डिस्चार्ज के बाद गुरूवार को 17 पलंग खाली हुए, वहीं पांच पलंग इमरजेंसी के लिए रखे है, जो सुबह ओपीडी समय से पहले भर जाते हैं। यह हालात रोजाना के बने हुए हैं।

एक डॉक्टर की दो-दो जगह ड्यूटी, नर्सों की देखरेख में गंभीर मरीजों का इलाज
कोविड वार्ड में सुबह 8 बजे से दाेपहर दो बजे तक एमडी मेडिसिन डॉक्टर इलाज करते हैं। वहीं डे और नाइट में आयुष डॉक्टर की ड्यूटी रहती है। गफलत यह हुई कि एक डॉक्टर के दो-दो जगह ड्यूटी के आदेश निकाल दिए गए। जिस डाक्टर को कोविड आईसीयू में दिन के समय तैनात किया है, उसी डाक्टर को फीवर क्लीनिक पर भी तैनात कर रखा है। ऐसे में इस दौरान नर्सों के भरोसे ही मरीजों का इलाज किया जाता है।

रात में अाते हैं 100 ऑक्सीजन सिलेंडर, रिजर्व में नहीं रहते
जिला अस्पताल में एक महीने पहले तक रोज 20 से 25 ऑक्सीजन गैस सिलेंडर की खपत हाे रही थी। मरीज बढ़े तो अब रोज 100 सिंलेडर ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है। गुरुवार सुबह 29 मरीजों में से 28 को ऑक्सीजन लगी हुई थी। ऑक्सीजन सप्लाई भी एडवांस नहीं मिल रही है। रात के समय 100 सिंलेडर आते है जो अगले 24 घंटे में खत्म हो जाते है। ऐसे में किसी दिन सप्लाई बाधित हुई तो मरीजों की जान पर बन सकती है।

दिनभर में 12 मरीज डिस्चार्ज
कोरोना के इस समय जिले में 325 एक्टिव केस हैं। वहीं कोविड आईसीयू में 24 मरीज भर्ती है, जबकि सुबह के समय तक वार्ड के सभी पलंग पर मरीज थे। दिनभर में 12 मरीज को डिस्चार्ज किया, तब जाकर यहां इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को भर्ती कराया जा सकेगा।

58 नए संक्रमित मिलने से अब तक मिले मरीजों की संख्या 2991
कोरोना संक्रमण के अब तक जिले में 2991 मरीज मिल चुके हैं। इसमें से 2594 लोग ठीक हो गए है, जबकि 325 एक्टिव केस हैं। गुरुवार को 316 लोगों के सैंपल लिए गए। वहीं 303 की जांच रिपोर्ट मिली है, इसमें 58 नए संक्रमित सामने आए हैं। 903 की जांच अाना बाकी है। कोरोना के चलते सरकारी आंकड़ों में अब तक 72 लोगों की मौत हुई है।

सीधी बात

स्तूपनिक यदू,
सीएमएचओ, राजगढ़

{अस्पताल में कितने पलंग है और कितने मरीज भर्ती है? - हमने 100 पलंग का इंतजाम किया है, अभी 24 मरीज भर्ती हैं। {ऑक्सीजन चार गुना लगने लगी, ऐसे में क्या इंतजाम किए है? थोड़ी परेशानी आ रही है, लेकिन क्या करें काम चला रहे हैं। {रेमडेसिविर इंजेक्शन लगा रहे है या नहीं? -यह हमारे प्रोटोकॉल में नहीं है, इसलिए नहीं लगा रहे हैं। {संक्रमण बढ़ता जा रहा है, ऐसे में आगे क्या इंतजाम रहेंगे? -वीडियोकॉल से निगरानी रखेंगे, गाइड लाइन का पलान कराया जाएगा। {आईसीयू वार्ड में 24 घंटे डॉक्टर नहीं रहते, नर्सों के भरोसे इलाज होता है? -वहां नहीं रहते तो क्या हुआ, डॉक्टर अस्पताल में तो रहते हैं।

32 पलंग बढ़ाए पर इनमें एक भी मरीज भर्ती नहीं
तीन दिन पहले कलेक्टर नीरज कुमार सिंह के कहने पर 12 पलंग नेत्ररोग वार्ड में और 20 पलंग जीएनएम कॉलेज में बढ़ाए, लेकिन यह पलंग क्षमता सिर्फ कागजों में ही संचालित है, यहां एक भी मरीज को भर्ती नहीं किया है।

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