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मजदूरों को बंधक बनाकर करवाया काम:गन्ना कटाई के नाम पर 39 दलितों को लेकर गया था ठेकेदार, 5 लाख में दूसरे को सौंपा, पुलिस ने कराया मुक्त

राजगढ़7 महीने पहले
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मजदूरों के लौटने के बाद नरसिंहगढ़ थाने में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। - Dainik Bhaskar
मजदूरों के लौटने के बाद नरसिंहगढ़ थाने में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

जिले के नरसिंहगढ़ के जाटव समाज के 39 (दलित वर्ग) मजदूरों को गन्ना कटाई के नाम पर महाराष्ट्र कोल्हापुर में बंधक बनाकर 20 दिन तक काम करवाया गया। मजदूरों को जो ठेकेदार राजगढ़ से लेकर गया था उसने उन्हें 5 लाख रुपए में दूसरे ठेकेदार को सौंप दिया था। मजदूरों को वहां बंधक बनाकर काम कराया और रुपए मांगने पिटाई तक कर दी गई। खाना भी नहीं दिया गया। ऐसे में मजदूरों ने सोशल मीडिया के जरिए मदद मांगी।

नरसिंहगढ़ के गजेंद्र सोनी और दिनेश जाटव मामले को विधायक राज्यवर्धनसिंह के संज्ञान में लाए। इस पर विधायक सिंह ने संबंधित मजदूरों से सोशल मीडिया के जरिए फोटो, नाम, पते और वहां की स्थिति के बारे में जानकारी मंगवाई। इसके बाद राजगढ़ कलेक्टर हर्ष दीक्षित, एसपी प्रदीप शर्मा को पूरे मामले से अवगत कराकर मजदूरों को मुक्त कराकर लाने में मदद मांगी।

एसपी ने एसआई राकेश दामले के नेतृत्व में तीन पुलिस कर्मियों को कोल्हापुर महाराष्ट्र भेजा। वहां से पुलिस उन्हें मुक्त कराकर लेकर राजगढ़ लाई। कोल्हापुर में ही एक महिला मजदूर को प्रसव भी हो गया है। जिसका तीन दिन का बच्चा भी मुक्त कराकर लाए गए मजदूरों के साथ नए मेहमान के रूप में आया है। इस पर शुक्रवार को नरसिंहगढ़ थाने में दलित समाज की ओर से आयोजित कार्यक्रम में राजगढ़ एसपी श्री शर्मा सहित पुलिस फोर्स को सम्मानित किया गया।

ये है पूरा मामला

नरसिंहगढ़ के अंबेड़कर नगर के 39 मजदूरों (जिनमें 13 महिलाएं भी शामिल थीं) को मेहबबू नामक ठेकेदार 400 रुपए प्रतिदिन मजदूरी के हिसाब से महाराष्ट्र के कोल्हापुर में मजदूरी कराने लेकर गया था। मेहबूब ने मजदूरों से काम शुरू करने के 8 दिन में पहला भुगतान और हर सप्ताह भुगतान करने का वादा भी किया था। मेहबूब मजदूरों को कोल्हापुर के करवी गांव में लाख रुपए में महेश चौहान नामक व्यक्ति को सौंपकर वापस आ गया। मजदूरों से महेश ने करीब 20 दिन तक गन्ना कटाई का काम कराया। जब तय शर्त के तहत मजदूरों ने 8 दिन बाद मजदूरी मांगी तो उनसे महेश ने कहा कि मैंने तुम लोगों को 5 लाख में लिया है। या तो मेरे पांच लाख रुपए दो, नहीं तो जब तक रुपए नहीं पट जाते तब तक यहीं पर रहकर चुपचाप काम करो, वरना मारे जाओगे।

मजदूरी मांगी तो पीटा, खाना तक नहीं दिया

मुक्त कराए गए मजदूरों ने बताया कि वे अपने घर से कुछ रुपए और खाने-पीने का सामान बांधकर अपने साथ ले गए थे। उनके रुपए और सामान खत्म होने पर उन्होंने जब महेश से मजदूरी के रुपए और खाने-पीने का सामान मांगा तो उनके साथ मारपीट की गई। सोने के बिस्तर, कपड़े तक छुड़ाकर रख लिए गए। तब एक मजदूर ने सोशल मीडिया के जरिए उन्हें बंधक बनाए जाने का मैसेज डालकर मदद मांगी। इस पर मामला विधायक के संज्ञान में आया। विधायक ने कुछ रुपए मजदूरों के खाते में डलवाकर उनके खाने-पीने का इंतजाम कराया।

लगातार 28 घंटे कार चलाकर पहुंची पुलिस

एसपी श्री शर्मा ने मामले में तुरंत संज्ञान लेकर एसआई राकेश दामले के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक मांगीलाल, आरक्षक राजमल को कोल्हापुर महाराष्ट्र भेजा। राजगढ़ पुलिस टीम लगातार 28 घंटे गाड़ी चलाकर कोल्हापुर पहुंचा। राजगढ़ एसपी ने कोल्हापुर एसपी शैलेंद्र बनवाड़े से बात कर राजगढ़ के मजदूरों को मुक्त कराने में मदद मांगी। इसके बाद कोल्हापुर पुलिस की मदद से राजगढ़ पुलिस टीम मजदूरों को राजगढ़ लेकर पहुंचे।

दलित समाज ने किया एसपी का सम्मान, कलेक्टर ने कहा- स्थानीय स्तर पर ही मुहैया कराएंगे रोजगार

मुक्त होकर मजदूरों के लौटने के बाद शुक्रवार को नरसिंहगढ़ थाने में कार्यक्रम का आयोजन हुआ। विधायक राज्यवर्धनसिंह, कलेक्टर हर्ष दीक्षित की मौजूदगी में हुए उक्त कार्यक्रम में एसपी प्रदीप शर्मा, एसआई श्री दामले, हेड कांस्टेबल मांगीलाल व कांस्टेबल राजमल सहित पुलिस फोर्स को फूल माला पहनाकर जाटव समाज और जनप्रतिनिधियों ने सम्मान किया। इस दौरान एसपी ने मुक्त कराए गए 3 दिन के बच्चे को अपनी गोद में उठाया और उसे अपनी माला भी पहनाई।