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कोरोना वैक्सीनेशन में आगे:गांव-गांव पहुंचीं टीम, राेज 12 हजार से ज्यादा काे लगाए टीके, संभाग में हम पहले स्थान पर

राजगढ़8 दिन पहले
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कीलखेड़ा गांव में चौपाल पर ग्रामीणों को प्रेरित किया गया। इसके साथ ही शिविर में ग्रामीणों को कोरोना वैक्सीन के टीके लगाए गए। - Dainik Bhaskar
कीलखेड़ा गांव में चौपाल पर ग्रामीणों को प्रेरित किया गया। इसके साथ ही शिविर में ग्रामीणों को कोरोना वैक्सीन के टीके लगाए गए।
  • माइक्रो प्लान बनाकर शहर और गांवों में चल रहा अभियान

विशेषज्ञ काेराेना की तीसरी लहर की आशंका जता रहे हैं। इसकी पहले से राेकथाम करने के लिए टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। जिले में माइक्रो प्लान के तहत टीकाकरण टीमें अस्पतालों में टीका लगाने के साथ गांव-गांव भी पहुंचने लगी हैं। इसके अच्छे परिणाम भी मिल रहे हैं। टीकाकरण के मामले में भोपाल संभाग में राजगढ़ जिला पहले स्थान पर है, वहीं प्रदेश में 8वां स्थान पर चल रहा है। अब प्रतिदिन 12 हजार लोगों की बजाय 30 हजार लोगों को टीका लगाने लक्ष्य तय किया है। 15 जुलाई तक जिले में शत-प्रतिशत टीकाकरण करने का लक्ष्य तय किया है। इस दौरान 45 वर्ष से अधिक और 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों का टीकाकरण करने के लिए माइक्रो प्लान भी तैयार किया है। इसमें स्वास्थ्य विभाग के साथ ही पंचायत और राजस्व विभाग के कर्मचारियों को शामिल किया है।

वैक्सीन उपलब्धता के आधार पर यह टीमें अस्पताल के साथ ही गांव-गांव जाकर टीकाकरण करने में लगी है। रोजाना जिले में 12 से 13 हजार के बीच वैक्सीन लगाने का कार्य किया जा रहा है। लोग भी जागरूकता के साथ टीका लगवाने के लिए आगे आ रहे हैं।

प्रदेश में 8वें स्थान पर जिला... 15 जुलाई तक 100 प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य

आगे सिर्फ हमसे बड़े शहर वाले जिले
वैक्सीन लगाने के मामले में भोपाल संभाग में राजगढ़ पहले स्थान पर है। जबकि प्रदेश में मेट्रो शहर इंदौर, भोपाल, जबलपुर, सागर, उज्जैन, ग्वालियर के बाद सातवां शिवपुरी और आठवां स्थान राजगढ़ का है। टीकाकरण औसतन लक्ष्य का 140 प्रतिशत रहता है। लक्ष्य हासिल करने अभी तक एक दिन में 129 सत्र तक बुलाए है। इन्हें बढ़ाकर रोज 300 करने का लक्ष्य है। इसके लिए गांवों में प्रचार-प्रसार कर जागरूक लोगों काे जोड़ा जा रहा है।
अस्पताल पहुंचना कठिन तो गांवों में लगा रहे शिविर
करीब 15 दिन पहले तक जिले में वैक्सीन सामान्य तरीके से की जा रही थी। लेकिन वैक्सीन लोगों तक पहुंचे, इसके लिए माइक्रो प्लान तैयार किया। डीएलओ डॉ एलपी भकोरिया ने बताया कि इस प्लान के तहत सिविल अस्पताल, सामुदायिक अस्पताल, प्राथमिक और उप स्वास्थ्य केंद्र में टीकाकरण करने के साथ ही गांवों में टीकाकरण शिविर लगाने शुरू किए गए।

इस तरह से बनाई कार्ययोजना, प्रतिदिन नया और लगभग दोगुना करते चले गए लक्ष्य
पूरे दिन अलग-अलग ब्लाॅक में बीएमओ टीकाकरण कार्य की निगरानी करते हैं। वे ही बारी-बारी से गांव का चयन कर चौपाल व सामुदायिक भवन में टीकाकरण का दिन तय करते हैं। जहां 18 प्लस व 45 प्लस को टीका लगाया जाता है। एक दिन जितने लोगों को टीके लगाए जाते हैं अगले दिन उस लक्ष्य को पार करते हुए वैक्सीन लगानी होती है।

धीरे-धीरे रोज का यह लक्ष्य बढ़ते अब 12 हजार के करीब पहुंच गया है। इस सप्ताह से प्रतिदिन 30 हजार लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य है। उदाहरण के लिए शुक्रवार को 9098 को टीका लगाया था। इसे पार करते हुए शनिवार काे 12 हजार 143 लोगों को टीका लगाया गया। अब रविवार को 12 हजार का लक्ष्य बनाया और 11181 लोगों को टीका लगाया।

अब जहां टीकाकरण में पिछड़ रहे, वहां समाज के लोगों की लेंगे मदद
कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि कुछ पिछड़े क्षेत्र में टीकाकरण को लेकर लोग उत्साहित नहीं है। वहां के लोगों को वैक्सीन लगाने हम समाज के लोगों को जोड़ेंगे। इसके लिए सभी समाज के जिला अध्यक्ष से चर्चा भी हो रही, जल्दी परिचर्चा का आयोजन भी होगा। फिलहाल हम उसी गांव के प्रबुद्ध लोगों को वैक्सीन सेंटर पर खड़ा कर टीकाकरण में मदद ले रहे है, ताकि भ्रांतियां नहीं फैलें।

जानिए क्या है माइक्रो प्लान: हर टीम में 5-5 कर्मचारी कर रहे काम
माइक्रो प्लान में वैक्सीन कार्य के लिए 300 टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों को वैक्सीन उपलब्धता के आधार पर टीकाकरण कार्य सौपा जाता है। इसमें वैक्सीन लगाने का कार्य एएनएम करती हैं। वैक्सीन लगवाने वाले का सत्यापन रोजगार सहायक और आशा कार्यकर्ता का कार्य है।

टीम में पंचायत सचिव, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और कहीं-कहीं पटवारी को भी शामिल किया है। निगरानी के लिए सुपरवाइजर तैनात किए हैं। टीम को किस गांव में जाना है इसकी सूचना एक दिन पूर्व दी जाती है। इसके लिए वैक्सीन के साथ जगह, इंटरनेट उपलब्ध कराया जाता है।

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