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असुरक्षा:5 साल से पुरानी कोतवाली में मेन गेट नहीं, शिक्षा विभाग के दफ्तर भी इसी में

नरसिंहगढ़9 दिन पहले
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पुरानी कोतवाली का मेन गेट गिरने के बाद से परिसर खुला हुआ है। - Dainik Bhaskar
पुरानी कोतवाली का मेन गेट गिरने के बाद से परिसर खुला हुआ है।
  • पुरानी कोतवाली का मेन गेट गिरने के बाद से खुला है परिसर

ऐतिहासिक और शैक्षणिक महत्व के भवन पुरानी कोतवाली का परिसर पिछले 5 सालों से बिना मेन गेट के है। सामने की ओर से पूरा परिसर खुला हुआ है जिससे इसमें कोई भी कभी भी आ सकता है। इसी वजह से पिछले कुछ महीनों से असामाजिक तत्वों की गतिविधियां भी परिसर में बढ़ गई हैं। इस वजह से आसपास के लोग परेशान हैं। पुरानी कोतवाली परिसर में सरकारी प्राइमरी स्कूल के साथ बीआरसी कार्यालय भी संचालित किया जाता है। शैक्षणिक स्तर से यह एक महत्वपूर्ण बिल्डिंग है। लेकिन प्रशासन इसकी देखरेख को लेकर उत्सुक नहीं है। शिक्षा विभाग के अनुसार बिल्डिंग का मेन गेट बनाने के लिए राशि नगर पालिका के खाते में वर्षों पहले जमा की जा चुकी है। लेकिन नगरपालिका इस पर ध्यान नहीं दे रही है।
रियासत काल का लॉकअप है पुरानी कोतवाली:

लगभग 200 वर्ष पुरानी यह इमारत रियासत काल में लॉकअप के तौर पर इस्तेमाल की जाती थी। स्वतंत्रता के बाद इसमें शासकीय संचालित किया जाने लगा। तब पुरानी कोतवाली का कलात्मक बड़ा गेट पूरे नगर के आकर्षण का केंद्र था। लेकिन उचित रखरखाव ना होने की वजह से वर्ष 2016 में यह गिर गया। तभी से पुरानी कोतवाली का अगला असुरक्षित तरीके से खुला हुआ है।

कला और संस्कृति का केंद्र है पुरानी कोतवाली
पुरानी कोतवाली परिसर में हर वर्ष विजयादशमी के पहले 15 दिनों तक रामलीला के मंचन की परंपरा है। रामलीला के लिए बनाए गए स्थाई मंच पर समय-समय पर धर्म, कला और संस्कृति से जुड़ी हुई गतिविधियां भी होती हैं। इतनी महत्वपूर्ण जगह होने की वजह से परिसर का सुरक्षित होना जरूरी है।

जानकारी ली जाएगी
मैं इसकी जानकारी लेता हूं कि पुरानी कोतवाली की कोई राशि नगरपालिका के खाते में आई या नहीं। अगर यह राशि होगी तो हम काम भी करवाएंगे।
-राजेंद्र वर्मा ,सीएमओ, नपा

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