आंगनबाड़ी केंद्रों का बुरा हाल:1415 में से 297 आंगनबाड़ी किराए के भवन में संचालित, जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान

सीहोर2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

सीहोर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों का बुरा हाल है। जिलेभर के भवनों में इनका संचालन हो रहा है और यहां पर बैठने की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं हैं। जिले में संचालित 1415 आंगनबाड़ी में से 297 केंद्र किराए के कमरों में संचालित हो रहे हैं।

इन केंद्रों पर खेल गतिविधियां संचालित करने के साथ-साथ बैठने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। कई केंद्रों में शौचालय नहीं, जिससे बच्चों के साथ-साथ स्टॉफ को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन शहरी क्षेत्र में आंगनबाड़ी केंद्र के लिए भवन बनाने जगह न होने के कारण मजबूरी में तंग गलियों में छोटे-छोटे कमरों में केंद्र संचालित किए जा रहे हैं।

दैनिक भास्कर की टीम ने वार्ड 5 की आंगनबाड़ी पहुंचकर देखा तो वह किराए के भवन में चल रहा है। एक कमरे में लगा हुआ है।

जलील खान बताते हैं कई बार मोहल्ले वालों ने जिला प्रशासन और सरकार को अवगत करवा है कि सरकारी भवन बन जाए, लेकिन आज तक कोई ध्यान नहीं दिया। इसी तरह वार्ड 8 में पहुंचे तो सुनीता बाई मिली। जिन्होंने बताया कि यह एक कमरे में ही आगनबाड़ी लगती है। अधिकारी और महिला बाल विकास आते ही नहीं। भवन तो छोड़ो किराए के भवन में लगाकर बस दिखावा कर रहे हैं।

एक नजर आंकड़ों पर

  • 1415 आंगनबाड़ी केंद्र और 1398 कार्यकर्ता हैं 1184 सहायिका है।
  • 736 केद्रों के पास है विभागीय भवन।
  • 297 केंद्र किराए के भवनों में चल रहे और 45 जर्जर।

सीहोर महिला बाल विकास अधिकारी प्रफुल्ल खत्री ने बताया कि परियोजना के अंतर्गत कही केंद्रों का संचालन कई जगह किराए के भवन में हो रहा है। वरिष्ठ कार्यालय को जानकारी आंगनबाड़ी भवन बनाने के लिए भेज दी है।

खबरें और भी हैं...