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लौटेगी राैनक:कोरोना कर्फ्यू में बीता पुष्य योग पर अभी 5 मुहूर्त बाकी

सीहोर9 दिन पहले
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  • प्रॉपर्टी, आभूषण और वाहन खरीदारी के लिए शुभ
  • विशेष मुहूर्त में खरीदी से बाजार में आएगी तेजी

रविवार को कोरोना कर्फ्यू के दौरान भले ही रवि पुष्य योग बीत गया हो और बाजार बंद होने से लोग खरीदी नहीं कर पाए हों, लेकिन उदास होने की जरूरत नहीं है। अनलॉक के बाद जून में खरीदी के लिए अभी पांच और श्रेष्ठ मुहूर्त हैं। इन दिनों में की गई खरीदारी या सौदा लाभदायक माना जाता है।

इसके अलावा गंगा दशहरा भी इसी माह है। इसको भी अबूझ मुहूर्त की श्रेणी में माना जाता है। इस दिन भी शुभ कार्यों की शुरुआत की जा सकती है। पंडित संजय शास्त्री के अनुसार इस माह सर्वार्थ सिद्धि, अमृत और रवि पुष्य योग के पांच दिन 9, 13, 15, 23 और 27 जून को रहेंगे। रवि पुष्य योग भी 13 जून को और 23 जून को अमृत योग भी घटित होगा।

गंगा दशहरा 20 जून को:

गंगा दशहरा 20 जून को रहेगा। इस तिथि को शास्त्रों में अबूझ मुहूर्त की श्रेणी में रखा है। इस दिन गृह प्रवेश, गृहारंभ, विवाह, मुंडन जैसे कार्यों को भी किया जा सकता है। सर्वार्थ सिद्धि योग के नाम से ही स्पष्ट है कि इस दिन शुभ कार्य यदि किया जाता है वह सफल होता है। इस दिन भूमि, भवन खरीदी के लिए एडवांस देना, वस्त्र, आभूषण और वाहन खरीदने के लिए शुभ माना जाता है।

9 से 27 जून तक इस समय रहेगा योग
पंडित संजय शास्त्री ने बताया कि सर्वार्थ सिद्धि योग 6 जून को सुबह 5:49 से रात 2:26 तक था। अब 9 जून को बुधवार सुबह 5:49 से 24 घंटे तक रहेगा। 13 जून को रविवार को शाम 7 बजे से प्रारंभ होकर सोमवार सुबह 5:49 तक चलेगा।

इस मुहूर्त का महत्व इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि इसी समय रवि पुष्य योग भी घटित हो रहा है। रवि पुष्य योग भी रविवार शाम 7 से सोमवार सुबह 5:49 तक रहेगा। 14 जून, सोमवार को सर्वार्थ सिद्धि योग रात 8:35 से शुरू होकर 15 जून शाम 9.41 बजे तक रहेगा। 23 जून, बुधवार को सर्वार्थ सिद्धि एवं अमृत योग सुबह 5:50 से 11:47 तक रहेगा। 27 जून, रविवार रात 2:35 से सुबह 5: 52 बजे तक रहेगा।

मुहूर्तों का राजा है रवि पुष्य योग
पंडित संजय शास्त्री ने बताया कि अमृत योग को भी किसी गंभीर बीमारी की समाप्ति के लिए दवा सेवन करने का प्रारंभ करना या कोई ऐसा कार्य करें जो लंबे समय तक शुभ प्रभाव देता रहे। जून एवं जुलाई के प्रथम सप्ताह में विवाह जैसे मांगलिक कार्यो के लिए खरीदारी का प्रारंभ करने एवं पत्राचार करने के लिए शुभ माना गया है। रवि पुष्य योग को शास्त्रों में मुहूर्तों का राजा माना है। रवि पुष्य एवं गुरु पुष्य योग बहुत कम ही प्राप्त होते हैं। इस योग में खरीदारी करना और अन्य काम करना शुभ होता है।

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