सीहोर में कुपोषण को खत्म करने में जुटा प्रशासन:14 नवंबर तक अतिकुपोषित बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाना प्रशासन का लक्ष्य

सीहोर2 महीने पहले
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सीहोर कलेक्ट्रेट - Dainik Bhaskar
सीहोर कलेक्ट्रेट

कुपोषण हटाने को लेकर प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान बेहद गंभीर हैं, उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित कर चलाए जा रहे अभियानों में तेजी लाने को कहा है। अतिकुपोषित बच्चों को 14 नंवबर तक सामान्य श्रेणी में लाने के निर्देश दिए हैं। कुपोषण के खिलाफ चलाई जा रही योजनाओं और अभियान में बडी राशि खर्च की जा रही है। लेकिन जिले में कुपोषण की स्थिति चिंताजनक है। बावजूद इसके अभियानों की रफ्तार धीमी है।

बीते सप्ताह मुख्यालय पर भोपाल कमिश्नर कवीन्द्र कियावत की उपस्थिति में पोषण पालक सम्मेलन आयोजित किया गया था। जिसमें 64 अतिकुपोषित बच्चों को अधिकारियों ने अपने संरक्षण (गोद) में लिया था। जिनको पोषण आहार उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी इन अधिकारियों की थी। लगभग सप्ताह बीत जाने के बाद भी अधिकारी इस अभियान से खुद को जोड़ नहीं पा रहे हैं और बचते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है, सप्ताह भर बाद भी अधिकारियों ने गोद लिए बच्चों के परिजनों से संपर्क नहीं किया है।

सामान्य श्रेणी में लाना है 318 कुपोषित बच्चे
महिला बाल विकास विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले में अतिकुपोषित बच्चों की संख्या 318 है और 1325 करीब कम वजन के बच्चे हैं। सिर्फ सीहोर ब्लाक में 64 बच्चे अतिकुपोषित की श्रेणी में आते हैं। जबकि ग्रामीण अंचलों की हालत खराब है। पोषण आहार के नाम पर आंगनबाड़ियों में बच्चों को सिर्फ टेक होम राशन और सूखा दलिया दिया जा रहा है। कोरोना संक्रमण के समय से पका भोजन आंगनबाड़ियों में बंद है।

अधिकारी संपर्क कर रहे हैं
पोषण अभियान को लेकर महिला बाल विकास अधिकारी प्रफुल्ल खत्री कहते हैं कि 64 अतिकुपोषित बच्चों की अधिकारियों ने जिम्मेदारी ली है। बच्चों के घर जाकर सपंर्क कर रहे हैं, कार्यक्रम के सार्थक परिणाम सामने आएंगे।

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