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पेयजल स्रोत रिचार्ज:चद्दर पुल और कस्बा के पुल के बाद करबला पर भी बंद किए मोहरे, नतीजा: सीवन पूरी भरी

सीहोर9 दिन पहले
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  • समय पर पानी रोकने से गर्मी के दिनों में होगा फायदा, जल स्तर बना रहेगा

चद्दर पुल के बाद हनुमान मंदिर कस्बा के पुल के मोहरों को बंद करने के बाद अब नगर पालिका के अमले ने करबला के मोहरे भी बंद कर दिए हैं। इससे अब पानी रुकने लगा है। यही कारण है कि महिला घाट से चद्दर पुल तक सीवन नदी लबालब दिखाई देने लगी है। इससे जल स्तर में बढ़ोतरी होगी और पेयजल स्रोत रिचार्ज होते रहेंगे।

नगर पालिका के अमले ने इस बार काफी देर से मोहरों को बंद करने का काम शुरू किया। संभवत यह इसलिए भी किया गया क्योंकि बारिश काफी लेट तक होती रही। इससे अनुमान लगाना कठिन हो गया था कि अब भारी बारिश नहीं होगी। इसलिए मोहरों को बंद करने का काम भी देरी से शुरू किया जा सका। फिर भी अभी नदी की धार चल रही थी। इसलिए पर्याप्त पानी रुकना शुरू हो गया है।

महिला और पुरष घाट हुए लबालब : चद्दर पुल पर कई दिन पहले नगर पालिका के अमले ने मोहरों को बंद कर दिया था। इसके बाद से जो पानी बह रहा था वह रुकने लगा। पांच दिन के बाद यहां पर पानी ओवर फ्लो होने लगा था। इसके बाद बकरी पुल से हनुमान फाटक स्थित पुल पर पानी रोकने के लिए मोहरों को बंद कर दिया गया। इसके बाद दूसरे दिन से यहां पर भी पानी ओवर फ्लो होने लगा। जो काफी मनोहारी लग रहा था।

सीवन में पानी होने से दो हजार से अधिक पेयजल स्रोत होते हैं रिचार्ज

सीवन नदी के आसपास के क्षेत्रों के पेयजल स्रोत इसके पानी से रिचार्ज होते रहते हैं। यही कारण है कि जब तक सीवन नदी में पानी होता है तब तक पेयजल स्रोत भी पानी देते हैं। जब सीवन नदी सूखने लगती है तो कुछ दिन में ही बोर भी जबाव देने लग पड़ते हैं। यही कारण है कि सीवन नदी को पहले तालाब के पानी से भरने की कवायद की जाती थी ताकि जल स्तर बना रहे।

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