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अवैध कब्जा:मंदिर की जमीन पर चलाई जा रही आरा मशीन को, हटाने की मांग

सीहोर11 दिन पहले
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परमार समाज और श्रद्धालुओं ने आरा मशीन के लायसेंस निरस्त कराने  की मांग की। - Dainik Bhaskar
परमार समाज और श्रद्धालुओं ने आरा मशीन के लायसेंस निरस्त कराने की मांग की।
  • परमार समाज और श्रद्धालुओं ने लाइसेंस निरस्त कराने की बात कही

शहर के मध्य छावनी सब्जी मंडी के पास श्री जगदीश मंदिर गरीब दास उर्फ टाट बाबा मंदिर पवार क्षत्रिय समाज के मंदिर के परिसर की भूमि पर अवैध रूप से आरा मशीन संचालित की जा रही है। इस कारण मंदिर में कचरा और गंदगी फैली हुई है। इसको लेकर परमार समाज और श्रद्धालुओं ने आरा मशीन के लायसेंस निरस्त कराने और मंदिर की भूमि से आरा मशीन हटाए जाने की मांग जिला प्रशासन और वन विभाग से की है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए युवा परमार समाज के अध्यक्ष तुलसीराम पटेल ने बताया कि शहर के छावनी स्थित प्राचीन जगदीश मंदिर हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का केन्द्र है। इस मंदिर का जीर्णोद्धार सन 1961 में परमार समाज ने किया था। मंदिर में सौंदर्यीकरण के लिए गत दिनों पौधारोपण सहित अन्य कार्य भी किए जा रहे है। आने वालों दिनों में मंदिर की सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवाल का निर्माण कार्य पूर्ण किया जाएगा। इसके पश्चात अन्य धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा लेकिन पिछले कई सालों से मंदिर की भूमि पर अवैध रूप से आरा मशीन संचालित की जा रही है।

कचरे से श्रद्धालु होते हैं परेशान

लोगों का कहना है कि आरा मशीन के कारण प्रदूषण होता है। आरा मशीन के पास लकड़यों का ढेर, बुरादा सहित अन्य कचरे का ढेर पड़ा रहता है। यहां पर आरा मशीन वाले ने मंदिर पर बड़े स्तर पर अतिक्रमण कर रखा है। ज्ञापन में परमार समाज और श्रद्धालुओं का कहना है कि जगदीश मंदिर ट्रस्ट का विधिवत पंजीयक लोक न्यास द्वारा पंजीयन किया है। मंदिर की सुरक्षा और पवित्रता का ध्यान में रखते हुए मंदिर में अवैध रूप से हो रहे अतिक्रमण को हटाए जाने की मांग परमार समाज ने की है। इसके लिए एक बैठक का आयोजन भी किया गया था। बैठक में चंदरसिंह मंडलोई, सूरजसिंह परमार, नंद किशोर परमार, विष्णु परमार, शेरसिंह परमार, मुरली, विजय, बने सिंह, विक्रम, लखन परमार, विजेन्द्र परमार, गब्बर परमार, अनार सिंह, रामनारायण परमार, देव नारायण आदि रहे।

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