मुबारक दिन / लॉकडाउन के कारण ईद की चांद रात भी रही फीकी, बाजार में नहीं दिखी भीड़

Eid's moon night also faded due to lockdown, the crowd was not seen in the market
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Eid's moon night also faded due to lockdown, the crowd was not seen in the market

  • रमजान माह का अंतिम रोजा था। सोमवार को ईद उल फितर का पर्व नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में मनाया जाएगा

दैनिक भास्कर

May 25, 2020, 05:00 AM IST

सीहोर. रविवार को रमजान माह का अंतिम रोजा था। सोमवार को ईद उल फितर का पर्व नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में मनाया जाएगा। जबकि इस बार कोरोना के चलते लगातार लॉकडाउन ने जरूर बाजार में चांद रात पर रहने वाली रौनक को छीन लिया। इस बार सबसे अधिक मायूसी कपड़ा व्यापारियों में देखने को मिली है। जिनका ईद का सीजन वैसा नहीं चल सका जिस तरह की उम्मीद व्यापारियों ने लगा रखी थी।

इस साल कोरोना के भय के चलते बाजारों में सूनापन देखने को मिल रहा है। क्योंकि ईद के बाजार के साथ ही शादियों का सीजन भी फ्लाप ही साबित हो रहा है। जिससे दुकानदार दिन भर फुरसत में बैठे दिखाई दे रहे हैं। इसका कारण लगातार लॉकडाउन बढ़ने को भी माना जा रहा है। इस बार रमजान माह के अंतिम दिनों में भी ईद  की खरीदी जोर नहीं पकड़ सकी। जबकि ईद का पर्व २५ मई सोमवार को मनाया जाना है। उसकी तैयारी के लिए कपड़ा, जूते, किराना, महिला सौंदर्य की दुकानें सज चुकी हैं, लेकिन उन पर ग्राहकी नहीं देखने को मिल रही है। इसी तरह पुराना बस स्टैंड जहां पर ईद की खरीदी के लिए दुकानें पांच दिन पहले लग जाती हैं, लेकिन लॉकडाउन के कारण इस बार नहीं लगीं। शासन ने सभी दुकानों को खोलने की छूट दे दी है। इसके बावजूद भी बाजारों में दिन भर सन्नाटा देखने को ही मिल रहा है। यह भी माना जा रहा है कि पिछले दो महीने से लगातार लॉकडाउन होने से लोगों के कामकाज ठप होने के साथ ही नौकरी छूटने से वह घर बैठे अपनी जमा पूंजी से खर्च ही चला रहा है। जिससे उनके पास त्योहार मनाने के लिए खरीदी करने का संकट बना हुआ है। इस समय लॉकडाउन का चौथा चरण चल रहा है। लोगों का कहना है कि आगामी महीनों में लॉकडाउन आगे बढ़ गया तो घर खर्च चलाना ओर भी मुश्किल हो सकता है। इस कारण सोच समझकर ही खर्च करना पड़ रहा है।

चांद रात होने के कारण रविवार को भी खुले बाजार
रविवार को ईद की चांद रात होने से नगर के बाजार पूरी तरह से खुले रहे। हालांकि जनरल स्टोर्स के अलावा ग्राहकी अन्य दुकानों पर नहीं देखने को मिली। जबकि कपड़ा बाजार में तो सन्नाटा ही पसरा रहा। इससे कपड़ा व्यापारियों में मायूसी देखने को मिली। जबकि हर साल चांद रात पर सुबह से शाम तक महिलाओं व पुरूषों की भीड़ बाजार में रहती है।  

बस स्टैंड पर नहीं लगा मेला

पुराना बस स्टैंड पर जूते, चप्पल, जनरल, खिलौने आदि की दुकानें पंाच दिन पहले लगाने के लिए नगर के बाहर से भी व्यापारी आते हैं। जबकि इस बार एक भी दुकानें नहीं लग सकी हैं।
फैनी-सिरखुरमा खरीदने भीड़
लॉकडाउन की वजह से बाजार सुबह 8 से शाम 6 बजे तक खुले रहते हैं। इस कारण रात में खरीदा जाने वाला सामान फैनी, सिवईयां व सिरखुरमा सहित अन्य ड्रायफ्रुट किराना सामान को लोग सुबह से ही खरीदते हुए दिखे।

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