दो महीने बाद भी नहीं बन पाई पार्किंग व्यवस्था:पुराने हाइवे से ट्रैफिक का दबाव कम करने फोरलेन बना, फिर भी जाम

सीहोर16 दिन पहले
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फोरलेन तो बना दिया लेकिन वाहनों की पार्किंग के लिए कोई व्यवस्था नहीं। लोग सड़कों पर ही वाहनों को खड़ा करते हैं जिससे रोज जाम के हालात बनते हैं। प्रशासन ने दो महीने पहले पार्किंग स्थल बनाने की बात कही थी लेकिन अभी भी समस्या का समाधान नहीं हो सका। शहर की सड़कों पर अभी भी कई दुकानदार सामान रख रहे हैं। कुछ साल पहले भोपाल इंदौर हाईवे पर हर रोज इसलिए जाम की स्थिति बनती थी कि वाहनों का अधिक दबाव रहता था। इसलिए फोरलेन की जरूरत महसूस हुई। काफी समय से फोरलेन का काम चल रहा था। अब फोरलेन बनकर तैयार हो गया लेकिन पुरानी समस्या अभी भी बनी हुई है। इसी तरह दूसरी समस्या शहर की कई सड़कों पर हो रहे अतिक्रमण की है। कई दुकानदार अभी भी सड़कों पर दुकानें लगा रहे हैं। काफी सामान उनका सड़कों पर ही रहता है।
पार्किंग के लिए इन जगह को किया था चिन्हित :

बता दें कि दो इस समस्या से निपटने के लिए प्रशासन के अधिकारियों और कर्मचारियों ने फोरलेन का जायजा लिया। इसमें पहला पाइंट टाउन हाल के पास चिन्हित किया गया था। यहां सड़क किनारे वाहनों की पार्किंग की जा सकती है। इसी तरह बस स्टैंड के पास जहां से सैकड़ाखेड़ी फोरलेन के लिए रोड जाता है वहां पर बैंकों के सामने जो खाली जगह पड़ी है, इसे पार्किंग के लिए व्यवस्थित करने पर विचार किया गया था।

बाजार में इन सड़कों पर दुकानों का सामान
नमक चौराहा से अस्पताल जाने वाले मार्ग की हालत काफी खराब है। यहां पर हर रोज खुलेआम दुकानों का सामान टेबल लगाकर रखा जा रहा है।
गांधी रोड पर भी कई दुकानदार सड़क पर सामान रख देते हैं। इसके अलावा कई हाथ ठेले भी यहां पर खड़े रहते हैं।
मेन रोड पर भी वाहनों के खड़े रहने से व्यवस्था गड़बड़ा रही है।
बाजार में इन सड़कों पर दुकानों का सामान
नमक चौराहा से अस्पताल जाने वाले मार्ग की हालत काफी खराब है। यहां पर हर रोज खुलेआम दुकानों का सामान टेबल लगाकर रखा जा रहा है।
गांधी रोड पर भी कई दुकानदार सड़क पर सामान रख देते हैं। इसके अलावा कई हाथ ठेले भी यहां पर खड़े रहते हैं।
मेन रोड पर भी वाहनों के खड़े रहने से व्यवस्था गड़बड़ा रही है।

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