समर्थन मूल्य:एक दिन की बारिश से खरीदी 7 दिन पिछड़ी, 15 की बजाय 22 मार्च से चना-मसूर खरीदेेगी सरकार

सीहोर9 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • गेहूं की खरीदी 1 अप्रैल से होगी, अभी अधिकारी-पटवारी फसल के सर्वे में जुटे

दो दिन पहले आंधी-बारिश के कारण फसलें भीगने और नुकसान होने के कारण अब समर्थन मूल्य की खरीदी आगे बढ़ा दी गई है। समर्थन मूल्य पर चना और मसूर की खरीदी 15 मार्च सोमवार से की जाना थी लेकिन अब 22 मार्च से चना-मसूर की समर्थन मूल्य पर खरीदी होगी। चना और मसूर का समर्थन मूल्य 5100 रुपए तय किया गया है।

उपज बेचने के सात दिनों में किसानों के खातों में राशि ट्रांसफर की जाएगी। इसके अलावा गेहूं की खरीदी 1 अप्रैल से शुरू होगी। ई-उपार्जन की व्यवस्थाओं को लेकर रविवार को कलेक्टर अजय गुप्ता ने भी अधिकारियों को सभी केंद्रों पर पर्याप्त व्यवस्थाओं के इंतजाम के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कहीं भी अधूरे गोदाम को उपार्जन केंद्र नहीं बनाया जाए।

समर्थन मूल्य पर चना खरीदी के लिए इस बार 32 केंद्र बनाए हैं। इसके साथ ही मसूर की खरीदी के लिए भी जिले में 10 केंद्र बनाए गए हैं। ये सभी केंद्र वेयर हाउस में बने हैं। खरीदी के 7 दिन के अंदर किसानों के खाते में राशि ट्रांसफर होगी। किसानों को उपज लाने के लिए 20 मार्च से मैसेज भेजे जाएंगे। उन्हें तय केंद्र पर 22 मार्च को अपनी उपज लेकर पहुंचना होगा। निर्धारित तिथि के सात दिन में किसान केंद्र पर अपनी उपज तुला सकता है।

जिले में समर्थन मूल्य पर खरीदी

कुल पंजीयन की स्थिति
2021 2020
115178 89200

गेहूं के लिए पंजीयन
2021 2020
109190 86278
(समर्थन मूल्य : 1975 रुपए प्रति क्विंटल)

चना के लिए पंजीयन
2021 2020
27325 18000
(समर्थन मूल्य : 5100 रुपए प्रति क्विंटल)

मसूर के लिए पंजीयन
2021 2020
5078 1122
(समर्थन मूल्य : 5100 रुपए प्रति क्विंटल)

उपज बेचने के सात दिन में आएगी किसानों के खाते में राशि

1,15178 ने कराए पंजीयन जो पिछले साल से 25978 ज्यादा : इस साल जिले में एक लाख 15 हजार 178 किसानों ने समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने के लिए पंजीयन कराए थे। जबकि पिछले साल मात्र 89 हजार 200 किसानों ने पंजीयन कराया था। यानी इस साल 25 हजार 978 ज्यादा किसानों ने पंजीयन करवाए हैं। पिछले साल जिले में 4 लाख 70 टन खरीदी का लक्ष्य रखा गया था, जबकि 7 लाख 43 हजार टन खरीदी हुई थी। इस साल जिले में 7.50 लाख टन खरीदी का लक्ष्य है।

गेहूं खरीदी के लिए अभी केंद्र तय नहीं

पहली बार उपज खरीदी की राशि सीधे किसानों के खाते में ट्रांसफर होगी। किसानों काे यह राशि तीसरे दिन मिल जाएगी। इसके साथ ही जिले में गेहूं की खरीदी 1 अप्रैल से होगी। इसके लिए केंद्र निर्धारण किया जा रहा है। जिले में इस बार 3 लाख 35 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बाेवनी की गई थी। पिछले साल गेहूं 3 लाख 41 हजार और चना 46 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में बोया गया था।

इस बार 60 दिन होगी खरीदी

समर्थन मूल्य पर चना खरीदी की तैयारियां शुरू हो गई है। एक केंद्र पर एक दिन में 20 किसानों से खरीदी होगी। तय तिथि के 7 दिन में किसानों को केंद्र में चना तुलवाना होगा। इसके बाद दूसरा मौका 10 दिन में मिलेगा। इस बीच भी नहीं बेचा तो किसानों को खरीदी पूरी होने के बाद ही चना बेचने का मौका मिलेगा।

रिकार्ड: गेहूं के साथ चना और मसूर के पंजीयन भी बढ़े

जिले में इस साल गेहूं के साथ-साथ चना और मसूर बेचने के लिए भी पिछले साल की अपेक्षा ज्यादा किसानों ने पंजीयन करवाए हैं। सरकारी आंकड़ों पर नजर डालें तो इस साल कुल 1 लाख 15 हजार 178 किसानों ने पंजीयन करवाए हैं। इनमें से 1 लाख 9 हजार 190 किसानों ने गेहूं, 27 हजार 325 किसानों ने चना और 5 हजार 88 किसानों ने मसूर की फसल बेचने के लिए पंजीयन करवाए थे। जबकि पिछले साल जिले में कुल 89 हजार 200 किसानों ने पंजीयन करवाए थे। इनमें से 86 हजार 278 किसानों ने गेहूं, 18 हजार किसानों ने चना और 1122 किसानों ने मसूर बेचने के लिए पंजीयन करवाया था।

गेहूं खरीदी 1 अप्रैल से शुरू, जल्द फाइनल होंगे केंद्र

जिले में इस बार 1 लाख 9 हजार 190 किसानों ने गेहूं बेचने के लिए पंजीयन कराया है। गेहूं खरीदी के लिए तैयारियां अंतिम दौर में चल रही हैं। इसके लिए जल्द ही केंद्र फाइनल हो जाएंगे। पिछले साल जिले में 7.43 लाख टन गेहूं खरीदा गया था।

-शैलेष शर्मा, जिला आपूर्ति अधिकारी

खबरें और भी हैं...