आप समझिए:अगर हम ऐसे ही भीड़ लगाते रहे तो कैसे कोरोना संक्रमण की चेन टूट पाएगी

सीहोर6 महीने पहले
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दुकानदार भी क्या करें, लोग ही इतने आ जाते हैं कि सोशल डिस्टेंस का पालन नहीं हो पाता - Dainik Bhaskar
दुकानदार भी क्या करें, लोग ही इतने आ जाते हैं कि सोशल डिस्टेंस का पालन नहीं हो पाता
  • अप्रैल में 36 मौतें और लापरवाही इतनी, किराना लेने उमड़ी भीड़, कपड़ा और बेकरी वालों ने भी खोली दुकानें

प्रशासन ने कोरोना कर्फ्यू के दौरान किराना दुकानों को तीन दिन बाद खोलने का निर्णय लिया था। बुधवार को जब ये दुकानें खोली गईं तो एक बार फिर से बाजार खचाखच भरा हुआ नजर आया। एक तरफ लोग कोरोना से सहमे हुए हैं और अप्रैल में 36 मौतें हाे चुकी हैं तो वहीं दूसरी ओर खरीदी के मंजर को देख यह लग ही नहीं रहा था कि कहीं पर कोरोना जैसी महामारी है भी है। किराना दुकानों की आड़ में दूसरे दुकानदारों ने भी अपनी दुकानों के शटर ऊंची कर ग्राहकी की। इस तरह की लापरवाही से कोरोना आने वाले दिनों में और फैल जाएगा। इसलिए बाजार की भीड़ पर रोक लगाना जरूरी हो गया है।

कोरोना कर्फ्यू के दौरान प्रशासन ने यह तय किया था कि जिलेभर में किराना की दुकानों को तीन दिन बाद दो घंटे के लिए खोला जाए। इसी तरह दूध डेयरी का भी समय घटा दिया था। अब जब तीन दिन बाद दुकानें खुल रही हैं तो लोगों की भीड़ होने लगी है। 24 अप्रैल को जब बाजार में किराना दुकानें खुली थीं तो उस दिन भी काफी भीड़ देखी गई थी। बुधवार को फिर से इसी तरह का नजारा देखने को मिला।

भीड़ से दुकानदार भी परेशान
एक साथ जब दुकानों में भीड़ हुई तो दुकानदार भी परेशान हो उठे। उन्हें यह समझ नहीं आ रहा था कि वे ग्राहक को सामान दें या फिर सोशल डिस्टेंस का पालन कराएं। दो घंटे तक किराना दुकानों पर इस कदर भीड़ रही कि सोशल डिस्टेंस का कहीं पर भी पालन नहीं हो पाया। इस दौरान कोई पुलिसकर्मी भी नजर नहीं आया।

कई बार लगा जाम
बाजारों में बार-बार जाम लगता रहा। हालत यह हो गई थी कि इन दो घंटों में सड़कों पर जहां देखो वहीं जाम दिखाई दिया। सबसे अधिक समस्या वहां पर हुई जहां दुकानें खुली थीं, इन दुकानों के आगे इस कदर भीड़ हो रही थी कि लोगों ने अपने वाहनों को सड़कों पर खड़ा कर दिया जिससे आवागमन वाधित हुआ।

महंगा बिकने लगा अब सामान
बाजार में अब सामान भी महंगा बिकने लगा है। दवा की दुकानों पर कई दवाएं अब नहीं मिल रही हैं । सुबह से ही दवा की दुकानों पर लोगों की भीड़ लग रही है। इसी तरह बाजार में कई सामान महंगे दामों में मिल रहा है। आम आदमी परेशान होने लगा है। कई दुकानों पर तो शक्कर, दालें आदि खत्म हो गई हैं।

भीड़ पर यदि काबू नहीं तो कोरोना कर्फ्यू किस काम का
लोगों को यह सोचना होगा कि यदि बाजारों में इसी तरह तीन दिन बाद भीड़ होती रही तो जो कोरोना कर्फ्यू से कोरोना की चेन तो तोड़ने का काम किया जाना है वह संभव होता नहीं दिखाई दे रहा है। इस लापरवाही पर सख्ती से रोक लगाना होगा। प्रशासन को देखना होगा कि आखिर इस भीड़ को कैसे नियंत्रित किया जा सकता है। जिससे समस्या का समाधान भी निकल जाए और लोगों को समस्याओं को सामना भी नहीं करना पड़े।

प्रतिबंध के बाद भी फिर खुली कपड़े और बेकरी की दुकानें
कई दुकानदारों ने किराना दुकानों की आड़ में अपनी कपड़ा दुकानों के अलावा बेकरी की दुकानें खोल ली थीं। यही नहीं शादी विवाह के सामान से संबंधित कई दुकानें खुल रही हैं। कोरोना का इन्हें कोई भय ही नहीं है। यही कारण है कि संक्रमण तेजी से फैल रहा है। इस समस्या के समाधान के लिए प्रशासन किराना दुकानों के खुलने का समय बढ़ा सकता है। यदि ऐसा किया जाता है तो फिर बाजारों में भीड़ अधिक नहीं होगी। लोगों का कहना है कि दो घंटे का समय जो दिया जा रहा है वह पर्याप्त नहीं है।

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