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कृषि भूमि पर बड़े भाई ने कर लिया कब्जा:30 से अधिक आवेदन दिए लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई

सीहोर16 दिन पहले
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  • जनसुनवाई नहीं होने से परेशान आवेदक, ऑफिसों के लगा रहे चक्कर

कोविड के चलते जनसुनवाई बंद होने से लोग शिकायतों के निराकरण के लिए परेशान हो रहे हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें लेकर कलेक्टोरेट पहुंच रहे हैं। ऐसा ही एक मामला जावर क्षेत्र का है। यहां पीड़ित हिम्मत सिंह की कृषि भूमि पर उसके भाई नरबत सिंह और भतीजा राधेश्याम ने कब्जा कर लिया।

पीड़ित को सोयाबीन की बोवनी भी नहीं करने दी। जब पीड़ित बोवनी करने पहुंचा तो दबंगई दिखाते हुए ट्रैक्टर रोक दिया और गाली-गलौंच कर जान से मारने की धमकी दी। मामले में पीड़ित द्वारा थाना, तहसीलदार, एसपी, कलेक्टोरेट सहित अन्य कार्यालयों में 30 से अधिक आवेदन दिए। लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई।

पीड़ित हिम्मतसिंह ने बताया कि थाने से लेकर सभी वरिष्ठ कार्यालय में आवेदन दिए। कहीं खुद पहुंचकर तो कहीं रजिस्टर्ड डाक से आवेदन भेजे, लेकिन अब तक कहीं भी सुनवाई नहीं हुई। यदि जनसुनवाई होती तो अधिकारी सीधे उनकी बात सुनते। उन्होंने बताया कि इस संबंध में डायल 100 को भी फोन किया था, लेकिन फिर भी पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया।

यहां तक कि जिम्मेदारों ने मौके पर जाकर भी मुआयना तक नहीं किया। ऐसे में पीड़ित हिम्मतसिंह ने कलेक्ट्रेट की आवक-जावक शाखा में आवेदन देते हुए उसकी भूमि से कब्जा हटाने और उसे क्षतिपूर्ति राशि देने की मांग उठाई है।

डूब में आया बेसहारा महिला का मकान, नहीं मिली राहत राशि : श्यामपुर क्षेत्र के मानपुरा में रहने वाली भूरीबाई पिता रतिराम का मकान पावर्ती नदी पर बनाए जा रहे बांध के डूब क्षेत्र में आया है। लेकिन स्थानीय जिम्मेदारों ने आर्थिक नुकसान होने पर भी पीड़िता का नाम मुआवजा सूची में नहीं जोड़ा है।

महिला ने अपने पिता और बच्चों के साथ जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर अर्जी देकर कलेक्टर से मुआवजा राशि दिलाने की मांग की है। पीड़ता भूरीबाई ने बताया कि तलाकशुदा होकर मेरे दो छोटे मासूम बच्चे हैं वृद्ध पिता भी साथ रहते है।

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