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रिकार्ड आवक का नतीजा / लक्ष्य से डेढ़ गुना ज्यादा खरीदी से बिगड़ा भंडारण का गणित, 1 लाख 17 हजार टन गेहूं खुले में पड़ा

One and a half times more than the target, the mathematics of storage lost due to purchase, 1 lakh 17 thousand tons of wheat lying in the open
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One and a half times more than the target, the mathematics of storage lost due to purchase, 1 lakh 17 thousand tons of wheat lying in the open

  • इस बार 7 लाख 25 हजार टन गेहूं खरीदा गया, अब रायसेन और कन्नौद में प्रशासन तलाश रहा जगह
  • इस साल 4 लाख 1 हजार टन था लक्ष्य, खरीदा 7 लाख 25 हजार टन गेहूं

दैनिक भास्कर

Jun 02, 2020, 07:17 AM IST

सीहोर. समर्थन मूल्य पर इस बार गेहूं की खरीदी पर प्रशासन ने पूरा फोकस रखा जिससे रिकार्ड खरीदी तो हुई लेकिन अब भंडारण के लिए इंतजाम नहीं हैं जिससे 1 लाख 17 हजार टन गेहूं खुले में रखा हुआ है।  अभी तो खुले में पॉलीथिन बिछाकर गेहूं का भंडारण कर दिया गया है। यही कारण है कि खरीदी केंद्रों के बाहर खुले में गेहूं के ढेर लगे हुए हैं। अब इस गेहूं को सुरक्षित नहीं किया गया तो भारी नुकसान हो सकता है। क्याेंकि माैसम विभाग की चेतावनी के अनुसार पिछले 24 घंटे में बारिश हाे सकती है। इसके अलावा ओले गिरने का भी अनुमान है। 
इस बार अच्छी बारिश हाेने से गेहूं की बंपर पैदावार हुई। इसे देखते हुए समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए जो लक्ष्य तय किया गया वह 4 लाख 1 हजार टन रखा गया था। इसके लिए भंडारण की व्यवस्थाएं कराई गईं। पर बंपर आवक इस कदर हुई कि 7 लाख 25 हजार टन गेहूं खरीदा गया। अब प्रशासन के सामने इस फसल काे रखने का संकट खड़ा हो गया है क्योंकि सभी वेयरहाउस और सायलो बेग फुल हो चुके हैं। इसके लिए प्रशासन रायसेन औ कन्नौद में जगह तलाश रहा है। इसके अलावा शासन को रैक लगाने भी पत्र लिखा गया है।

रायसेन और कन्नौद में गोदामों की तलाश
जो गेहूं खुले में पड़ा है उसे सुरक्षित रखने के लिए रायसेन और कन्नौद में गोदामों की तलाश की जा रही है। बताया जाता है कि इन दोनों जगहों पर कुछ गोदाम ऐसे हैं जो खाली पड़े हैं। इसलिए प्रशासन अब इन दोनों जगहों पर गेहूं को सुरक्षित करने का प्लान तैयार कर रहा है। यदि ऐसा हो गया तो काफी कुछ गेहूं को सुरक्षित कर लिया जाएगा। इस संबंध में जिला आपूर्ति अधिकारी शैलेष शर्मा ने बताया कि गेहूं के भंडारण के लिए रायसेन और कन्नौद में गोदामों में व्यवस्था कराई जा रही है। अभी जो भी गेहूं बाहर है, उसे शीघ्र ही सुरक्षित रख लिया जाएगा।

10 की डिमांड लेकिन सिर्फ एक ही रैक लगी
प्रशासन ने शासन को पत्र लिखकर मांग की थी कि 10 रैक लगवाई जाए जिससे गेहूं का परिवहन किया जा सके। जो भी अधिक गेहूं है उसे बाहर भेज दिया जाए लेकिन अभी तक केवल एक ही रैक लग सकी है। इसमें भी मात्र 25 हजार क्विंटल गेहूं जा सका है।

खुले में पड़े गेहूं को सुरक्षित करने यह करना जरूरी

  •  जहां पर खुले में गेहूं पड़ा है उसकी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होना चाहिए। खरीदी केंद्रों के बाहर यह गेहूं जो खुले में पड़ा है इसके चोरी होने का डर भी बना रहेगा। 
  •  यदि बारिश का मौसम बनता है तो इसे ढंकने के लिए क्या इंतजाम हैं। अक्सर खरीदी केंद्रों पर उपज को ढंकने के कोई इंतजाम नहीं किए जाते हैं।
  •  बारिश की स्थिति में जहां पर गेहूं रखा है उसके चारों तरफ पानी निकासी के लिए कोई व्यवस्था कराई गई है या नहीं। यह भी देखना जरूरी है।
  •  परिवहन के लिए पर्याप्त वाहन नहीं हैं। यह भी एक बड़ी कमी है। इसलिए इस पर भी ध्यान देने की जरूरत है ताकि समयपर पूरी उपज को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा सके। नहीं तो फसल भीगकर खराब हो जाएगी। 

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