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अवैध शराब का बढ़ता कारोबार:ग्रामीण क्षेत्रों के मकानों में धधक रही है जहरीली शराब की भटि्टयां, आबकारी अधिकारी बोले- जवानों की कमी से जूझ रहा है विभाग

सीहोर2 महीने पहले
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घरों में धधक रही है भट्टियां - Dainik Bhaskar
घरों में धधक रही है भट्टियां

मध्यप्रदेश में जहरीली शराब से हो रही मौतों के बाद भी आज तक पूर्ण रूप से जहरीली शराब पर रोक नहीं लग सकी है। नर्मदा और खेतों किनारे खुलेआम भट्टियां सुलग रही है। आबकारी विभाग और पुलिस की कार्रवाई के बाद भी जहरीली शराब बनाने और बेेचने वालों में कोई डर नहीं है। जिलेभर में जगह-जगह मौत का सामान तैयार हो रहा है। गांवों में धड़ल्ले से कच्ची शराब की भटि्टयां धधक रही है।

पुलिस से बचने के लिए घरों में बना रहे शराब
जिले के ठीकरीखेड़ा, मोहिंया मोहल्ला गांव के दर्जनों घरों में कच्ची शराब की भटि्टयां चल रही हैं। आबकारी पुलिस से बचने के लिए लोगों ने पक्के कमरों में कच्ची शराब की भटि्टयां लगा रखी हैं। कमरों में एक तरफ पानी का टैंक बना है और दूसरी तरफ पक्की भटि्टयां। जावर के मोगियां मोहल्ला बस्ती के अंदर छोटी-छोटी भटि्टयां बनाई गई हैं।

किसान परेशान, यहां यूरिया का जगह-जगह स्टॉक
किसान अपनी फसल के लिए यूरिया खरीद पाए या नहीं लेकिन जहरीली शराब के कारोबारियों के पास यूरिया जरूर है। भास्कर टीम ने जिलेभर के ठीकरीखेडा, लाडकुई, जोशीपुर, पिपलानी, सुआपानी, पांगरी, झील, गादिया, उमरखाल, सतपिपलिया, लालगार, फागिंया, जामलीघाटी, कालापीपल, नादान, अलीपुर, जावर, कपलास, मुड़ला, चनोटा, ग्वालागांव, मोगियां मोहल्ला में कच्ची शराब के कारोबारियों की पड़ताल की वहां जगह-जगह यूरिया मिलाकर जहरीली शराब बनाते नजर आए। आदिवासी इलाकों में महुए से बन रही शराब का नशा गहरा करने के लिए माफियाओं ने महुआ का स्टॉक कर रखा है। वहीं अवैध शराब खपाने के लिए देशी शराब की खाली बोतलों का उपयोग किया जा रहा है। जावर क्षेत्र का मोगियां मोहल्ला जहरीली शराब का गढ़ मना जाता है, यहां तात्कालीन एसपी एसएस चौहान ने बड़े स्तर पर छापामार कार्रवाई की थी। ड्रोन कैमरे की मदद से घरों से हजारों लीटर शराब जब्त की।

अवैध शराब बनाते माफिए
अवैध शराब बनाते माफिए

पांच किमी दूर तक हर रास्ते पर माफिया के गुर्गे तैनात
जिले के नर्मदा किनारे वाले इलाकों के कुछ गांव और बस्तियों में शराब बनाने का काम चल रहा है। आस-पास परिंदा भी पर नहीं मार सकता। भटि्टयों से पांच किलोमीटर दूर तक वहां पहुंचने वाले हर रास्ते पर शराब माफिया और उनके लोग तैनात हैं। गौरतलब है कि उपायुक्त आबकारी संभागीय उड़नदस्ता भोपाल विनोद रघुवंशी के निर्देश और जिला आबकारी अधिकारी कीर्ति दुबे के निर्देशन में संभागीय उड़नदस्ता भोपाल सीहोर के आबकारी बल के साथ जिले के ठीकरीखेड़ा गांव में अवैध शराब के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की गई थी। कच्ची शराब और 750 kg महुआ लाहन जब्त कर मामले को विवेचना में लिया था। इसके बाद भी ठीकरीखेड़ा गांव में माफियाओं का जहरीली शराब बनाने का कारोबार जारी है।

महीने में 30 से 35 प्रकरण दर्ज किए जा रहे हैं
मयंक अवस्थी एसपी सीहोर का कहना है कि पूरे जिलेभर में अवैध जहरीली शराब को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं। सभी थानाप्रभारी, एसडीओपी को अवैध शराब पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जहां-जहां सूचना मिलती है, तत्काल हमारी पुलिस वहां पहुंचकर कार्रवाई करती है। चर्चा के दौरान जिला आबकारी अधिकारी कीर्ति दुबे कहती हैं कि विभाग जवानों की कमी से जूझ रहा है। लेकिन हम सूचना मिलते ही कार्रवाई करते हैं। टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। महीने में 30 से 35 प्रकरण दर्ज किए जा रहे हैं।

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