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बिल को सही करने की मांग:मनमाने बिजली बिलों को लेकर टेंट लगाकर दिया धरना

सीहोरएक महीने पहले
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बिजली बिलों के विरोध में धरने के बाद तहसील कार्यालय पहुंच कर दिया ज्ञापन। - Dainik Bhaskar
बिजली बिलों के विरोध में धरने के बाद तहसील कार्यालय पहुंच कर दिया ज्ञापन।
  • उपभोक्ताओं ने कहा-समय पर रीडिंग लेने नहीं आने से अधिक राशि के आते हैं बिल

लॉकडाउन के बाद से घरेलू व व्यवसायी उपभोक्ता बिजली की मनमानी राशि के बिलों काे लेकर परेशानी का सामना कर रहे हैं। इस माह में भी बड़ी राशि के बिल मिलने से आमजन बिजली कंपनी कार्यालय के चक्कर काटते देखे जा रहे हैं। इसके चलते बुधवार को कांग्रेस महामंत्री शेख रईस के नेतृत्व में बिजली बिलों की राशि को लेकर नगर पालिका के सामने टेंट लगाकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया।

जिन लोगों के अधिक राशि के बिल आए थे वह अपने बिल लेकर पहुंचे। इसके बाद उपभोक्ताओं की भीड़ तहसील कार्यालय पहुंची। वहां पर मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार आरएस मरावी को ज्ञापन दिया गया।

कोरोना संक्रमण के बाद लॉकडाउन ने लोगों की आर्थिक स्थिति को बिगाड़ दिया था। इससे लोग उबर ही रहे थे कि बिजली के हजारों राशि के बिलों ने बजट बिगाड़ रखा है। यहीं वजह है कि अभी तक बड़े हुए बिजली बिलों की राशि को लेकर कांग्रेस, सामाजिक संगठन व व्यापारियों ने ज्ञापन दिए हैं।

इसके बावजूद भी समस्या का हल नहीं हुआ है। इसके बाद भी उपभोक्ताओं के पास हजारों रुपए की राशि के बिल पहुंच रहे हैं। इसे देखते हुए बुधवार को कांग्रेस प्रदेश महामंत्री शेख रईस के नेतृत्व में आमजन ने बिलों के विरोध में एक दिवसीय धरना दिया। ज्ञापन में बताया गया कि कोविड महामारी के समय से शासन केवल घोषणाएं कर रहा है।

वहीं जमीन पर उनका असर नहीं दिख रहा है। एक तरफ शासन विद्युत में अनुदान की बात करता है। वहीं इस माह घरेलू उपभोक्ताओं को 10 हजार से लेकर 50 हजार रुपए तक के बिजली बिल थमाए गए हैं। जो न्याय संगत नहीं है। इस तरफ शासन और प्रशासन को ध्यान देना चाहिए व सभी गलत बिलों का निराकरण कर शासन द्वारा दी जाने वाली सहायता का लाभ हर बिजली उपभोक्ताओं को मिलना चाहिए।

बिजली कंपनी द्वारा कई वर्षों से हर माह रीडिंग लेने के बजाए इकट्ठी रीडिंग लेकर गरीबों को अधिक राशि के बिल थमाए जाते हैं। जिस उपभोक्ता के 100 यूनिट 100 रुपए बिल आता है उस उपभोक्ता को भी 5 हजार से लेकर 60 हजार रुपए तक के बिल थमाए गए हैं।

धरना स्थल पर पहुंचे परेशान लोग
धरनास्थल पर बिजली बिलों से पीड़ित पुरूष व महिलाएं अपने बिजली बिलों के साथ पहंुचे। सुबह 11 बजे से नपा कार्यालय के सामने टेंट लगाकर धरना शुरू किया गया था। जो ज्ञापन देने के बाद समाप्त हुआ।

अपना पेट भरे कि बिजली का बिल भरें
धरने पर अपने बिजली बिल को लेकर पहुंची भोईपुरा निवासी संतोषी बाई ने बताया कि वह दूसरे के यहां पर काम करके परिवार का पालन पोषण करती है। उसका बिल 10 हजार रुपए का आया है। अब बिल भरूं कि परिवार का पेट भरूं।

समय पर नहीं ली जाती रीडिंग
ज्ञापन में बताया गया कि हर माह रीडिंग नहीं ली जाती है। एक साथ रीडिंग लेने के कारण अधिक राशि के बिजली बिल उपभोक्ताओं तक पहुंचते हैं। इसके अलावा कई प्रकार के कर जोड़ दिए जाते हंै। जिससे बिलों की राशि अधिक हो जाती है।

बिजली की खपत के अनुसार दिए गए बिल

  • ^रीडिंग के अनुसार ही बिजली बिल दिए गए हैं। आंकलित खपत के बिलों का संशोधन भी किया गया है। शुक्रवार से शिकायत निवारण सप्ताह भी आयोजित किया जा रहा है। -राजी&व रंजन, डीई, बिजली कंपनी
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