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खुशखबरी:रामगंज मंडी-भोपाल रेल लाइन, 4 साल बाद सीमांकन शुरू

श्यामपुर/ दोराहाएक महीने पहले
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  • श्यामपुर के 9 गांवों से 22 किमी लंबी गुजरेगी लाइन, 417 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा

रामगंज मंडी से भोपाल के बीच रेलवे लाइन बिछाई जाएगी। इसके लिए चार साल पहले सर्वे हुआ था और श्यामपुर के 9 गांवों की 417 एकड़ भूमि को अधिग्रहित करने की कार्रवाई शुरू की थी। पांच जिलों की जमीन इस लाइन में गई। इन पांच जिलों में से सीहोर को छोड़कर बाकी जगह किसानों को मुआवज़ा का भुगतान कर दिया गया है जबकि सीहोर में अभी तक मुआवजा राशि नहीं दी जा सकी है।

अब चार साल बाद सीमांकन का काम शुरू हुआ है। किसानों ने बताया कि परियोजना से प्रभावित होने वाले 6 जिलों के किसानों के लिए केंद्र सरकार ने प्रदेश सरकार को डेढ़ सौ करोड़ रुपए की राशि मुआवजा वितरण के लिए आवंटित की है। पांच जिलों के किसानों को तय मुआवजा राशि का भुगतान स्थानीय प्रशासन द्वारा कर दिया गया है जबकि सीहोर जिले के किसानों को चार वर्ष बाद भी मुआवजा राशि का एक रुपया भी नहीं मिला है।

रामगंज मंडी से भोपाल रेलवे लाइन महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए सीहोर जिले की श्यामपुर तहसील के ग्राम बमुलिया, बैरागढ़ खुमान, श्यामपुर, बिछिया, दोराहा, झरखेड़ा, सातपोन, कतपोन, सोनकच्छ आदि गांवों के किसानों की सिंचित 417 एकड़ भूमि चार वर्ष पूर्व अधिग्रहित करने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। रामगंज मंडी भोपाल रेल परियोजना को अटलबिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री रहते हुए 24 साल पहले स्वीकृति मिली।

सीमांकन में तय होगा कि किसकी कितनी जमीन जाएगी : वर्ष 2008 में रामगंज मंडी से भोपाल रेल लाइन का काम शुरू हुआ था। रेलवे ट्रेक 2021 तक बनकर तैयार होना था। भूमि अधिग्रहण तो कभी राशि की कमी के कारण लगातार काम टलता रहा।

रामगंज मंडी से भोपाल लाइन परियोजना के मुख्य बिंदु

  • 1365 करोड़ से बनना है रामगंज मंडी भोपाल लाइन
  • 200 करोड़ 2016 में मिले थे
  • 262 किमी है रेलवे लाइन की लंबाई
  • 16 स्टेशन बनेंगे भोपाल से रामगंजमंडी के बीच
  • 39 गांवों को सीधा फायदा
  • श्यामपुर के 9 गांवों से 22 किमी गुजरेगी रेलवे लाइन
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