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जागरूकता:सात साल पहले दंपती ने शुरू किया नदी की सफाई का काम, अब केसरिया ब्रिगेड में 40 हजार महिलाएं

सीहोर7 दिन पहले
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जीवनदायिनी नर्मदा हमें बहुत कुछ देती है पर बदले में हम उसमें कचरा डालकर उसके लगातार गंदा कर रहे हैं। पर कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इस नदी का महत्व भली भांति समझते हैं। ऐसी एक कहानी 7 साल पहले आंवलीघाट से शुरू हुई। इस दौरान एक दंपती और उनके कुछ सहयोगियों ने नर्मदा की सफाई का काम शुरू किया गया था जो आज एक अभियान बन चुका है। मां नर्मदा स्वच्छता अभियान के नाम से इस संगठन में आज प्रदेशभर की 40 हजार से अधिक महिलाएं जुड़ चुकी हैं। केसरिया ब्रिगेड के नाम से जानी जाने वाले इस संगठन का काम नर्मदा को स्वच्छ रखना है। नर्मदा जयंती पर शुक्रवार को केसरिया ब्रिगेड की महिलाएं प्रदेशभर के 112 घाटों पर सफाई करेंगी। ये महिलाएं केसरिया रंग की साड़ी पहनती हैं। समिति की अध्यक्ष सुशीला निमोदा ने बताया कि पिछले सात सालों से यह अभियान चलाया जा रहा है। चार साल पहले आंवलीघाट में 5 हजार महिलाओं ने संकल्प लिया कि वे नर्मदा में सफाई रखेंगी और गंदगी करने वाले लोगों को समझाइश देंगी। जागरूक करने के लिए अभियान चलाएंगी।

ऐसे काम करती हैं महिलाएं
जब भी नर्मदा में स्नान होता है तो लाखों की संख्या में लोग यहां आते हैं। समूह की महिलाएं घाट पर कपड़े, नारियल के छिलके उठाकर ट्राली में डालती हैं । दूसरे समूह की महिलाएं घाट पर नहाने वाले, आरती करने वाले, नारियल प्रसाद चढ़ाने वाले श्रद्धालुओं को समझाइश देती हैं कि वे सामग्री को इधर-उधर ना डालें।

सीएम ने किया था प्रोत्साहित
इस अभियान से जुड़े गणेश निमोदा ने बताया कि कुछ साल पहले नर्मदा सेवा यात्रा में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जब आंवलीघाट पहुंचे थे तो उन्होंने सुशीला निमोदा को मंच पर बुलाया था। उस समय उन्होंने कहा कि इस मुहिम को पूरे प्रदेश में चलाओ। बस इसके बाद सभी महिलाएं इस काम में जुट गईं ।

हर रविवार करती हैं सफाई
इस अभियान से जुड़ी महिलाएं हर रविवार को अपनी सुविधानुसार नर्मदा घाटों पर पहुंचकर सफाई का काम करती हैं। करीब एक घंटे तक सफाई का काम किया जाता है। मां नर्मदा स्वच्छता एवं नशा मुक्ति अभियान की प्रदेश अध्यक्ष सुशीला निमोदा ने बताया कि जिले की 15 हजार के करीब महिलाएं हैं। उन्होंने बताया कि शुरू में काम करने में जरूर परेशानियां आईं। लोग कई तरह की बातें करते थे लेकिन हमने किसी की परवाह नहीं की और सभी के सहयोग से इस अभियान को आगे बढ़ाया।

ऐसे बढ़ा सफाई का दायरा
अभियान की शुरुआत सलकनपुर के पास आंवलीघाट से हुई थी। इसके बाद नहलाई, बाबरी घाट, छिपानेर, जहाजपुरा घाट, बुदनी घाट, बांद्राभान घाट पर सफाई का अभियान चलाया और फिर इसको जिले के दूसरे स्थानों पर शुरू किया।

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