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नौतपा में हुई तेज बारिश:ताऊ ते और यास तूफान से मई में उमस ज्यादा, तपन कम, 15-20 जून के बीच दस्तक देगा मानसून

सीहोरएक महीने पहले
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  • एक दिन पहले नौतपा में हुई तेज बारिश, अब तक नहीं चली लू, तेज गर्मी भी नहीं पड़ी, आगे भी संभावना कम

चक्रवाती तूफान ताऊ ते, यास और अब पांच पश्चिमी विक्षोभ की वजह से इस बार मई में पहले जैसी गर्मी नहीं पड़ी। क्योंकि मई की शुरुआत में ही पश्चिमी विक्षोभ के कारण बने सिस्टम की वजह से तापमान नहीं बढ़ा और न ही राजस्थान, गुजरात से गर्म हवा आई। ऐसे में अधिकतम तापमान 43 डिग्री तक तो गया, लेकिन बादल और नमीयुक्त हवा के कारण लू जैसे हालात नहीं बने। रात का तापमान भी 24 डिग्री से ज्यादा नहीं गया।

हालांकि अब तीन-चार दिन तापमान में बढ़ोत्तरी की संभावना है। इसके बाद अंचल में प्री-मानसून एक्टिविटी तेज हो जाएगी। आरएके कॉलेज स्थित ग्रामीण कृषि मौसम सेवा केंद्र के विशेषज्ञ डॉ. सत्येंद्र कुमार ने बताया कि अगले 2-3 दिन में तापमान में बढ़ोत्तरी होगी।
इस साल नहीं चली लू :

हर साल अप्रैल महीने से ही गर्मी अपना असर दिखाना शुरू कर देती थी, मई तो तो स्थिति यह हो जाती थी कि मानो सूरज आग बरसने को आतुर हो। लेकिन इस साल ऐसी स्थिति नहीं बनी। अप्रैल में भी पश्चिमी विक्षोभ बना रहा। मई की शुरुआत में ही पश्चिमी विक्षोभ ने तापमान में ज्यादा बढ़ोत्तरी नहीं होने दी। ऐसे में अंचल में कहीं-कहीं बारिश भी हुई। जिससे हवा में नमी बनी रही।

बंगाल की खाड़ी वाला मानसून ज्यादा बरसता है
मध्यप्रदेश में अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से बनने वाले मानसून सक्रिय होते हैं। दोनों मानसून से क्षेत्र में बारिश होती है। लेकिन मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम क्षेत्र में ज्यादा असरदार होता है। इससे ज्यादा बारिश भी होती है।

जिले में दो साल में ऐसा रहा मानसून

  • 2019 में 23 जून को जिले में बजे दक्षिण-पश्चिम मानसून ने दस्तक दी। पूरे सीजन में अच्छी बारिश हुई। यहां तक कि बारिश ने पिछले सारे रिकार्ड तोड़ दिए।
  • 2020 में 17 जून को दक्षिण-पश्चिम मानसून ने दस्तक दी थी। शुरुआत से ही तेज बारिश हुई। इस साल भी सीजन में सामान्य औसत से अधिक बारिश दर्ज की गई।
  • 15 से 18 जून तक अंचल में दस्तक दे सकता है मानसून, विदाई 22 सितंबर

अगले 24 घंटे के दौरान मानसून के केरल में दस्तक देने की संभावना बन रही है। केरल पहुंचने के बाद फिर यहां से अलग-अलग क्षेत्र के लिए मानसून रुख करता है। यह मुंबई होकर मध्यप्रदेश की तरफ आता है। प्रदेश में सबसे पहले मालवा-निमाड़ क्षेत्र में मानसून असर दिखाता है। ऐसे में भोपाल-सीहोर क्षेत्र में मानसून 15 से 18 जून तक पहुंचने की संभावना है। मानसून की विदाई 22 सितंबर को होगी।

यास का असर खत्म, हवा का बदलेगा रुख
अगले 24 घंटे के दौरान केरल में मानसून की दस्तक देने की उम्मीद है। इस कारण हवा का रुख बदलना शुरू हो जाएगा। पूर्वी उप्र के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र और बना हुआ है। दिन और रात के तापमान में मामूली बढ़ोत्तरी होगी।
-डॉ. सत्येंद्र सिंह तोमर, मौसम विशेषज्ञ

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