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फायदे के खेती:लहलहाई मूंग फसल, किसान सालभर में ले रहे तीन उपज

सिलवानीएक महीने पहले
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खेतों में लहराने लगी मूंग की फसल, किसान सालभर में कर रहे तीन फसल। - Dainik Bhaskar
खेतों में लहराने लगी मूंग की फसल, किसान सालभर में कर रहे तीन फसल।
  • रबी फसल की कटाई के बाद मूंग की बोवनी करते हैं, जो 60 से 75 दिन में होती है तैयार

क्षेत्र के किसान साल में खरीफ की दो फसल लेने के बाद अब साल में तीसरी फसल के रूप में मूंग की फसल लगा कर फायदा ले रहें हैं। ऐसे में यदि प्राकृतिक आपदा से एक फसल खराब होती है, तो दूसरी उसकी पूर्ति कर देती है। यही नहीं तीसरी फसल किसानों के लिए आर्थिक मदद कर रही है।

किसान रबी फसल की कटाई के बाद मूंग की फसल की बोवनी करते है। मूंग की फसल 60 से 75 दिन में तैयार होकर मार्केट में विक्रय के लिए आ जाती है तथा खुले बाजार में विक्रय करने पर दाम अच्छे मिल जाते हैं। पिपरिया गांव के किसान विश्वनाथ सिंह रघुवंशी ने बताया कि एक एकड़ भूमि में 15 से 17 किलो मूंग के बीज की बोवनी की जाती है। मूंग की यह फसल 60 से 75 दिनों के मध्य कट कर तैयार हो जाती है।

महंगा बीज होने से कम की जाती है बोवनी: चंदन पिपरिया, मुआर, बीकलपुर, प्रतापगढ़, शालाबरु, सांईखेड़ा, बूढ़ा, पाला, बम्होरी, गुंदरई, आदि गावों में अनेकों किसानों के द्वारा कई एकड़ कृषि भूमि पर करीब एक माह पूर्व मूंग की बोवनी की जा चुकी है, जो अब खेतों में मूंग की फसल लहलहाने लगी है।

मुआर गांव के किसान मयंक पटेल, भूपेंद्र पटेल, देवराज पटेल चीचोली ने बताया कि मूंग का बीज 10 हजार रुपए प्रति क्विंटल क्रय करना पड़ता है। महंगा बीज होने के कारण कम भूमि में ही किसानों के द्वारा मूंग की बोवनी की जाती है।

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