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कोरोना से भय:अफवाहों से क्षेत्र के ग्रामीणों ने नहीं लगवाई वैक्सीन

सिलवानी13 दिन पहले
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  • गांव खमेरा में सुबह 9 से 2.30 बजे तक एक भी व्यक्ति वैक्सीन लगवाने नहीं आया

कोरोना महामारी के इस दौर में बीमारी का इलाज जब तक नहीं था, हर कोई डरा हुआ था। लेकिन जब वैक्सीन के रूप में हमें एक कारगर इलाज मिल गया है, फिर भी वैक्सीन लगवाने से लोग परहेज कर रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य विभाग की टीम टीका लगाने के लिए जा रही है।

लेकिन ग्रामीणों द्वारा उन्हें ये कह कर वापस लौटाया जा रहा है कि वैक्सीन लगवाने से लोग मर रहे हैं। इसलिए वो भी वैक्सीन नहीं लगवाएंगे। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा 18 प्लस उम्र के वैक्सीन के लिए कस्बा बम्हौरी, सिलवानी 200-200 वैक्सीन एवं सियरमऊ, करतोली, उषापुर, चिचौली, चंदनपिपरिया, खमेरा, बीकलपुर, प्रतापगढ़, सेमराखास, उचेरा जमुनिया में 100-100 वैक्सीन लगाने का लक्ष्य दिया गया था। स्वास्थ्य विभाग की टीमें टीका स्थल पर पहुंची लेकिन आदिवासी बाहुल्य गांव खमेरा में प्रातः 9 बजे 2.30 बजे तक एक भी व्यक्ति वैक्सीन लगवाने के लिए नहीं आया। इस वैक्सीन केन्द्र पर प्रभारी सचिव उदयराम, एएनएम भावना कुशवाहा, सीएचओ अपर्णा पाटनकर, ग्राम चौकीदार मोतीलाल, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हल्कीबाई, आशा कार्यकर्ता लीलावती, आशा सहयोगिनी सीमा आदिवासी उपस्थित रही।

चौकीदार मोतीलाल ने बताया कि उन्होंने पूरे गांव में शुक्रवार शाम को ही मुनादी के माध्यम से सूचना दी और शनिवार को भी घर-घर जाकर वैक्सीन लगवाने का आग्रह किया गया। प्रभारी सचिव उदयराम, एएनएम भावना कुशवाहा, सीएचओ अपर्णा पाटनकर ने बताया कि वह स्वयं भी अपनी गाड़ी से ग्राम का भ्रमण कर लोगों से वैक्सीन लगवाने का आग्रह किया लेकिन कोई भी वैक्सीन लगवाने नहीं आया।

ग्रामीणों ने वैक्सीन लगवाने से मौत हो रही है। इसलिए वैक्सीन नहीं लगवाएंगे। इस संबंध में एसडीएम संघमित्रा बौद्ध का कहना है कि 1-2 केंद्रों के बारे में बीएमओ द्वारा अवगत कराया गया है कि कुछ भ्रांतियों के कारण लोग वैक्सीन नहीं लगवा रहे हैं। तहसीलदार के साथ साथ मैदानी अमला भी लोगों को समझाइश देने पहुंचा है।

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