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प्रशासन ने 6 घंटे बाद ली सुध:अधिग्रहित भूमि के मुआवजे के लिए धरने पर परिवार

सिरोंज2 महीने पहले
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  • नेशनल हाइवे के निर्माण में अधिग्रहित भूमि का मुआवजा मिला कम

नेशनल हाइवे के निर्माण में अधिग्रहित की गई जमीन की एवज में मुआवजा राशि कम मिलने से परेशान किसान शुक्रवार को परिवार के साथ हाइवे किनारे धरने पर बैठ गया। 6 घंटे बाद प्रशासन ने किसान परिवार की सुध ली और चर्चा कर उसे धरने को खत्म करवाया।

बंसल कंपनी द्वारा सिरोंज-ब्यावरा नेशनल हाइवे का निर्माण किया जा रहा है। निर्माण की प्रक्रिया में क्षेत्र के कई किसानों की कृषि भूमि भी अधिग्रहित की गई है। इसके बाद किसानों को मुआवजा वितरण भी किया जा रहा है।​​​​​​कुरवाई-आरोन रोड पर स्थित जमीन के मालिक किसान खिलान सिंह कुशवाह को भी उसकी 240 आरे जमीन के मुआवजे के रूप में 54 लाख रुपए प्रदान किए गए है लेकिन वे इससे संतुष्ट नहीं है।

उनका कहना है कि प्रशासन द्वारा एक बीघा से कम भूमि का मुआवजा प्रदान किया गया है जबकि मौके पर उनकी पौने दो बीघा जमीन का जा रही है। कई बार प्रशासन से जमीन मापने का अनुरोध किया लेकिन सुनवाई नहीं हो रही।

मनमानी कर रहे हैं कर्मचारी : अब बंसल कंपनी के कर्मचारी हर दिन आकर सड़क निर्माण के लिए तार फेंसिंग हटाने की बात कहते हुए मनमानी कर रहे हैं। इसी से परेशान होकर खिलान सिंह शुक्रवार को अपने परिवार के साथ हाइवे किनारे ही धरने पर बैठ गए।

इस दौरान बंसल कंपनी के कर्मचारी आए तो उन्होंने उन्हें वापस लौटा दिया। प्रशासन को धरने की जानकारी ही नहीं थी। शाम पौने पांच बजे दैनिक भास्कर ने एसडीएम अंजली शाह से चर्चा कर किसान परिवार के धरने की जानकारी दी। एसडीएम ने बताया कि एक दिन पहले ही मेरी किसान परिवार से बात हुई है और मैने उन्हें समस्या निदान का आश्वासन दिया है। वे धरने पर बैठे हैं। इसकी जानकारी मुझे नहीं है।

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