हड़कंप / कृषि मंडी पहुंची जांच टीम, देखा-कहीं व्यापारी अपना गेहूं ताे समर्थन मूल्य पर नहीं खपा रहे

Investigation team reached Agriculture Market, saw that traders are not spending their wheat on support price
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Investigation team reached Agriculture Market, saw that traders are not spending their wheat on support price

  • अनाज मंडी में सौदा पत्रक के माध्यम से चल रही खरीदी के बीच व्यापारियों के स्टाक की जांच
  • कुछ व्यापारी ऐसे भी थे जो टीम के आने के बाद गोदाम बंद कर गायब हो गए

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:00 AM IST

सिरोंज. कृषि उपज मंडी के व्यापारियों के गोदाम पर शुक्रवार को जांच दलों के पहुंचने से हड़कंप मच गया। पांच जांच दलों ने मंडी व्यापारियों के स्टाक की जांच की। इस दौरान कई गोदाम बंद मिले। ऐसे में जांच दल ने फोन का व्यापारी को बुलाया। कृषि उपज मंडी में इन दिनों खुली नीलामी के बजाय सौदा पत्रक के माध्यम से उपज की खरीदी की जा रही है। जिसमें व्यापारियों द्वारा उपज की खरीदी करने के बाद शार्ट टेक प्लांट पर उसकी तौल करवा कर उपज को सीधे अपने गोदाम पर रखवाया जा रहा है। शुक्रवार को अमावस्या की वजह से मंडी में अवकाश था। 
इसी बीच तहसीलदार अलका सिंह के साथ ही सहायक आपूर्ति अधिकारी मोनिका जैन के नेतृत्व में कुछ टीमें व्यापारियों के गोदाम पर पहुंच गईं। तौल आदि का काम निपटा रहे व्यापारी अचानक टीमों को आया देख हैरत में पड़ गए। टीम ने व्यापारियों से उनके स्टाक की जानकारी लेना शुरू कर दी। जो व्यापारी गोदाम पर मौजूद थे। उन्होंने तो अपना स्टाक रजिस्टर और अन्य दस्तावेज उन्हें दे दिए लेकिन कुछ व्यापारी ऐसे भी थे जो टीम के आने के बाद गोदाम बंद कर गायब हो गए। जिन व्यापारियों के गोदाम बंद थे। उन्हें जांच दल प्रमुख ने मौके से ही फोन लगाया और स्टाक की जांच करवाने की बात कही। हालांकि इसके बाद भी कई व्यापारी त्योहार का हवाला देकर नहीं पहुंचे। तहसीलदार अलका सिंह ने बताया कि एसडीएम के निर्देश पर यह जांच की जा रही है। हम जांच रिपोर्ट उन्हें सौपेंगे। 
सिर्फ गेहूं की स्टाक की जानकारी ही ली जा रही थी: जांच द्वारा इस दौरान सिर्फ गेहूं के स्टाक की जानकारी ही व्यापारियों से ली जा रही थी। दरअसल इन दिनों समर्थन मूल्य खरीदी केन्द्रों पर बड़ी मात्रा में गेहूं पहुंच रहा है। किसान ये गेहूं टैक्टर-ट्राॅली में लेकर पहुंच रहे हैं। प्रशासन को आशंका है कि कई व्यापारी किसानों के माध्यम से अपना गेहूं समर्थन मूल्य पर बिकवा रहे हैं। सौदा पत्रक के माध्यम से चल रही खरीदी में हल्का गेहूं 16 से 17 सौ रुपए क्विंटल तक बिक रहा है। 
व्यापारी इसी गेहूं को समर्थन मूल्य केन्द्र 1925 रुपए क्विंटल बेचने के प्रयास कर रहें हैं। इसी फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए प्रशासन द्वारा शुक्रवार को स्टाक की जांच करने की प्रक्रिया शुरू की। 
लेकिन फर्जीवाड़ा करने वाले प्रशासन से ज्यादा तेज हैं
प्रशासन द्वारा की जा रही स्टाक की जांच को लेकर कई व्यापारी सिर्फ खानापूर्ति बताते दिखाई दिए। इनका कहना था फर्जीवाड़ा करने वाले व्यापारी गेहूं की खरीदी स्टाक में दर्शा ही नहीं रहे हैं। वे तो गेहूं लेकर सीधे किसान के माध्यम से समर्थन मूल्य केन्द्र पर पहुंचा रहे हैं। प्रशासन को यदि जांच करना ही है तो जो किसान गेहूं बेचने पहुंच रहे हैं। उन्होंने क्या और कितना बोया है इसकी जांच करना चाहिए। इससे फर्जीवाड़ा करने वाले व्यापारी और किसान की हकीकत खुद ब खुद सामने आ जाएगी। 
व्यापारियों के स्टाक की जांच करवाई जा रही है
व्यापारियों के स्टाक की जांच के लिए पांच दल बनाए हैं। उन्होंने कितना माल खरीदा, कितना बेचा और कितना उनके स्टाक में है। ये जानकारी ली जा रही है। यह एक सामान्य प्रक्रिया है। 
अनिल सोनी, एसडीएम सिरोंज।

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