पेयजल व्यवस्था / फरवरी में कराए गए बोर में पीएचई ने डलवाई पाइप लाइन, अब नपा के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा

PHE put pipeline in bore in February, no longer have to rely on NAPA
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PHE put pipeline in bore in February, no longer have to rely on NAPA

  • राजीव गांधी स्मृति चिकित्सालय में मरीजों को पानी के लिए नहीं भटकना पड़ेगा, जरूरत पर मिलेगा पानी

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 05:00 AM IST

सिरोंज. राजीव गांधी स्मृति चिकित्सालय में पानी की समस्या का स्थाई निदान हो गया है। पीएचई द्वारा अस्पताल परिसर में लगवाए गए ट्यूबवेल से टंकी तक पाइप लाइन डलवा दी गई है। अब अस्पताल प्रबंधन नपा की पेयजल व्यवस्था के भरोसे नहीं रहेगा। जब जरूरत होगी मोटर चालू कर पानी का उपयोग हो सकेगा। 
राजीव गांधी स्मृति चिकित्सालय में पानी की समस्या स्थाई बनी हुई थी। अस्पताल में नपा द्वारा पेयजल सप्लाई की जाती है और जब भी नपा की पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होती है तो अस्पताल में पेयजल संकट हो जाता था। इसके अलावा अस्पताल की टंकी में लगी पानी की मोटर खराब होने की वजह से भी पेयजल संकट बना रहता था। सप्ताह भर पहले भी इसी तरह की पेयजल समस्या अस्पताल में आई थी। पानी की टंकी में लगी मोटर खराब होने की वजह से परिसर में पानी का संकट बन गया। मरीजों और उनके परिजनों को अस्पताल के बाहर से पानी लाना पड़ रहा था। लोगों की इस समस्या को दैनिक भास्कर ने 18 मई के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद जिला अस्पताल प्रबंधन की टीम भी अस्पताल में जांच करने पहुंची थी और प्रबंधन को जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए थे। इसके बाद प्रबंधन सक्रिय हुआ पीएचई एसडीओ श्रुति जैन से सम्पर्क किया। पीएचई द्वारा फरवरी के महीने में ही अस्पताल परिसर में ट्यूबवेल करवाया गया था लेकिन पाइप लाइन नहीं डाली गई थी। अस्पताल प्रबंधन द्वारा की गई मांग के बाद पीएचई बीते तीन दिन से परिसर में पाइप लाइन डालने में ही लगी हुई थी। पीएचई ने ट्यूबवेल से पानी की टंकी तक 200 मीटर पाइप लाइन डाल दी है और अस्पताल प्रबंधन ने पानी की टंकी में नई मोटर लगा दी है। नई व्यवस्था से अस्पताल में पानी के संकट का स्थाई समाधान हो गया है। अब प्रबंधन को पानी के लिए नपा पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। 
वाटर कूलर भी सुधरवाया: प्रबंधन ने अस्पताल के जननी वार्ड में लगाया गया वाटर कूलर भी सुधरवा दिया है। इस वार्ड का वाटर कूलर लंबे समय से खराब था। इस वजह से महिलाओं और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। प्रबंधन ने इस वाटर कूलर को भी सुधरवा दिया है। 
खबर का असर... पानी की टंकी में लगी मोटर खराब होने के कारण परिसर में पानी का संकट था
चोरी की वजह से पलंग पर चादर तक नहीं बिछा पा रहे 
पीएचई की पाइप लाइन डलने से अस्पताल में पानी संबंधी समस्या का स्थाई समाधान हो गया है। परिसर में सुरक्षा गार्डों की बेहद जरूरत है। कई बार लोग चादर तक चुरा कर ले जाते हैं। इस वजह से हम पलंग पर चादर भी नहीं बिछा पा रहे, इसलिए गार्ड की नियुक्ति की जाए। 
डाॅक्टर राहुल चाऊद,  प्रभारी राजीव गांधी स्मृति चिकित्सालय। 
अस्पताल में कराए ट्यूबवेल में है 3 इंच तक पानी 
फरवरी के महीने में अस्पताल में ट्यूबवेल खनन किया गया था। जिसमें तीन इंच तक पानी है। जो अस्पताल के लिहाज से पर्याप्त हैै। टेंडर की प्रक्रिया की वजह से पाइप लाइन डालने की प्रक्रिया लेट हो गई। 
श्रुति जैन, एसडीओ पीएचई सिरोंज।
सुरक्षा गार्ड नियुक्त करने एसडीएम को पत्र
अस्पताल प्रबंधन द्वारा अस्पताल में होने वाली चोरी और अन्य घटनाओं को ध्यान में रखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को संबोधित एक पत्र भी शनिवार को एसडीएम अनिल सोनी को सौंपा। पत्र में बताया गया है कि असामाजिक तत्वों द्वारा रात में बिजली काटने, तार चोरी करने, नलों की टोंटी निकालने तथा अन्य घटनाओं को अंजाम दिया जाता है। ऐसे में परिसर की सुरक्षा के लिए 5 सुरक्षा गार्डों का होना जरूरी है। उन्होंने प्रबंधन से सुरक्षा गार्ड उपलब्ध करवाने की मांग भी की है।

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