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शासन की गाइड लाइन:बाजार का 50 फीसदी हिस्सा खोलने के निर्णय से हम सहमत नहीं, सभी दुकानें एक साथ ही खुलें

सिरोंज25 दिन पहले
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  • तहसील परिसर में हुई क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी की बैठक में व्यापार महासंघ ने कहा

1 जून से बाजार खुलने को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है। क्राइसिस मैनेजमेंट की बैठक में गृह मंत्रालय की गाइड लाइन को लेकर अपनी नाराजगी जताई। महासंघ ने स्पष्ट कहा कि बाजार खुले तो एक साथ पूरा ही खुले। 50 फीसदी हिस्सा खोलने का निर्णय से हम सहमत नहीं है। अब प्रशासन कलेक्टर द्वारा जारी गाइड लाइन का इंतजार कर रहा है।

कोरोना संक्रमण की रफ्तार धीमी होने के बाद 20 मई के बाद से ही नगर के व्यापारी और आम नागरिक बाजार खुलने का इंतजार कर रहे हैं। शनिवार रात में जब सरकारी की गाइड लाइन सामने आई तो उसे देख कर व्यापारियों की नाराजगी सामने आना शुरू हो गई। गाइड लाइन के किराना दुकानों के खोलने के अलावा बाजार का 50 फीसदी हिस्से को खोलने की बात सामने आ रही है।

शनिवार को जब तहसील के बीआरसी कक्ष में जनपद अध्यक्ष जितेन्द्र बघेल और एसडीएम अंजली शाह के माग दर्शन में क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी की बैठक हुई तो उसमें मौजूद व्यापार महासंघ के सदस्यों ने गाइड लाइन को लेकर अपनी नाराजगी जताना शुरू कर दी। महासंघ के सचिव अर्पित मित्तल ने बताया कि समझ नहीं आ रहा कि सरकार ये कैसा अनलॉक कर रही है। कुछ दुकानें खुलेंगी और कुछ बंद रहेगी। यानि बाजार का 50 फीसदी हिस्सा खुलेगा। जो कि पूरी तरह गलत है। जब बाजार खुलने का निर्णय हुआ है तो फिर सभी दुकानों को एक साथ खोलने खुलना चाहिए। भले ही सुबह 9 से शाम 6 बजे के मध्य खुलें। हम सरकार के सभी कोविड नियमों का पालन करेंगे लेकिन सभी दुकानें एक साथ खोलें।

सरकार को ऑनलाइन शापिंग को प्रतिबंधित करना चाहिए बैठक में व्यापारियों ने ऑनलाइन शापिंग को लेकर भी नाराजगी जताई। व्यापारियों का कहना था हमने लॉकडाउन को लेकर सरकार के हर नियम का पालन किया। दुकानें बंद रखी। सीजन पूरा घर में ही बैठ कर ही निकाल दिया लेकिन इस बीच सरकार के नियमों को ऑनलाइन कंपनियों ने नहीं माना। वे खुल कर अपनी दुकानदारी करती है। इससे व्यापार तो हमारा ही चौपट हो रहा है। व्यापारियों ने ऑनलाइन सामान बेचने वाले कंपनियों को भी प्रतिबंधित करने की मांग इस दौरान की।

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