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गंगा दशहरा कल:गंगा अवतरण के 10 योग, इनमें से पांच महायोग में मनेगा गंगा दशहरा

विदिशाएक महीने पहले
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  • ब्रह्माजी के कमंडल जल से नारायण के चरण प्रक्षालन से उत्पन्न हुई गंगा

गंगा दशहरा यानी गंगा का अवतरण जिन 10 महायोग में हुआ था, उनमें से 5 महायोग इस बार गंगा दशहरा पर मिल रहे हैं। 20 जून को यह पर्व मनाया जाएगा। इस दिन गंगा स्नान से 10 महापापों से मुक्ति मिलने की मान्यता है। यह अबूझ मुहूर्त भी माना गया है। इसलिए इस दिन शुभ कार्य किए जा सकते हैं।

गंगाजी का अवतरण ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को हुआ। गंगा अवतरण के दौरान 10 महायोग का संयोग था। इस वर्ष इनमें से पांच योगों में 20 जून को गंगा जयंती मनेगी। पं. राजदीप शर्मा के अनुसार रविवार को दशमी शाम 4.21 बजे तक रहेगी। गंगा ब्रह्मा के कमंडल जल से नारायण (वामन) के चरण प्रक्षालन से उत्पन्न होकर महादेव की जटाओं में समा गई। बाद में सूर्य की किरणों से हिमालय पर लाई गई।

शिवजी ने अपनी एक जटा को छोड़ दिया। वह पृथ्वी की और चल पड़ी। भगीरथ पर कृपा करके भारतभूमि पर प्रगट हुई और भागीरथी कहलाई।

इस दिन गंगा स्नान से दस पापों से लोगों को मुक्ति मिलेगी

10 महायोग, पूजन में 10 की संख्या का विशेष महत्व
धर्मसिंधु व पौराणिक ग्रंथों की मान्यता अनुसार गंगा का अवतरण 10 महायोग- ज्येष्ठ मास, शुक्ल पक्ष, दशमी तिथि, बुधवार, हस्त नक्षत्र, व्यातिपात योग, गर करण, आनंद योग, कन्या राशि का चंद्रमा व वृषभ राशि के सूर्य में हुआ था। इन दस महायोग के साथ हस्त नक्षत्र व सोमवार का भी विशेष महत्व है। इस वर्ष इनमें पांच महायोग 20 जून रविवार को उपस्थित हो रहे हैं- ज्येष्ठ मास, शुक्ल पक्ष, दशमी तिथि, गर करण, कन्या राशि का चंद्रमा। इन महायोग मे गंगा स्नान व पूजन से दस प्रकार के पापों- तीन कायिक, चार वाचिक व तीन मानसिक पापों का नाश होता है। गंगा के पूजन में दस की संख्या का महत्व है। जैसे दस पूजा उपचारों से पूजन, दस ब्राह्मणों की पूजा व दस तरह का दान होता है। मान्यता है कि गंगा स्नान में दस गोते लगाने से दस प्रकार के पापों का नाश होता है।

गंगा का आह्वान कर घर पर करें स्नान, अबूझ मुहूर्त, कर सकते हैं शुभ कार्य
कोरोना महामारी के चलते श्रद्धालु घर पर ही गंगा का आह्वान कर घर पर ही स्नान करें। इस वर्ष विवाह, नवगृह प्रवेश, गृहारंभ, देव प्रतिष्ठा आदि शुभ कार्यों के अधिकांश शुभ मुहूर्त अप्रैल, मई व जून के प्रारंभ में निकल चुके हैं। ऐसे में गंगा दशहरा को अधिकांश लोग शुभ कार्य कर सकते हैं। गंगा दशमी का दिन भी मंगल कार्यों के लिए शुभ व अबूझ मुहूर्त माना जाता है। गंगा दशहरा पर शुभ कार्य बिना मुहूर्त के होंगे।

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