पेट्रोल- डीजल के दाम कम:60 बीघा में अब तक 30000 रु. का डीजल‎ जलाया, पहले दाम कम होते तो राहत मिलती‎

विदिशा‎23 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • बोवनी में काफी हद तक मिलेगी खर्च में राहत‎

केंद्र सरकार के बाद प्रदेश सरकार‎ द्वारा पेट्रोल-डीजल दामों में आम‎ लोगों को राहत दी है। इससे पेट्रोल‎ के दाम जहां करीब 12 रुपए तक‎ कम हो गए हैं, वहीं डीजल के दाम ‎ करीब 17 रुपए तक कम हो गए हैं।

पेट्रोल और डीजल के दाम कम‎ होने से लोगों की जेब का बोझ‎ कुछ हद तक कम हो गया है।‎ खासकर डीजल के दाम कम होने‎ से जहां ट्रांसपोर्टेशन की लागत कम‎ होगी, वहीं किसानों को भी बोवनी‎ व खेती किसानी से संबंधित कामों‎ में डीजल पर कम खर्च करना‎ पड़ेगा।

हालांकि जिले में करीब 50‎ प्रतिशत किसान बोनी कर चुके हैं।‎ जबकि शेष किसान अभी रबी‎ सीजन की बोवनी कार्य में जुटे हुए‎ हैं।इसमें सबसे ज्यादा ट्रैक्टर का‎ इस्तेमाल होता है। ऐसे में किसानों‎ को हजारों रुपए डीजल पर खर्च‎ करना पड़ते हैं। डीजल के दाम कम‎ होने से किसानों की बचत होगी।‎

शनिवार को विदिशा में सादा पेट्रोल‎ का मूल्य 107.72 रुपए और‎ डीजल के दाम 91.30 रुपए लीटर‎ था। जबकि तीन दिन पहले सादा‎ पेट्रोल 119.33 रुपए में मिल रहा‎ था, वहीं डीजल की कीमत‎ 108.34 रुपए तक पहुंच गई थी।‎ केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी‎ तीन नवंबर को कम करने की‎ घोषणा की थी, वहीं राज्य सरकार‎ ने दीपावली के दिन 4 नवंबर को‎ पेट्रोल-डीजल पर वैट करने की‎ घोषणा की थी।

जालोरी पेट्रोल पंप‎ संचालक राहुल जालोरी ने बताया‎ कि केंद्र की घोषणा के बाद चार‎ नवंबर से नई दर लागू हो गईं थीं,‎ वहीं राज्य सरकार की घोषणा के‎ बाद नई दर 5 नवंबर से लागू हो‎ गई हैं। पेट्रोल-डीजल के दाम कम‎ करने पर किसानों का कहना है कि‎ देर से ही सही आखिरकार दाम‎ कम तो हुए।

अभी जिन किसानों‎ की बोवनी होना बाकी है। उन्हें‎ डीजल में काफी बचत होगी और‎ जो इससे बचत होगी वह उनके‎ काम आएगी।गौरतलब है कि खेतों‎ में बुवाई के लिए किसानों के सबसे‎ ज्यादा खर्चें में एक डीजल का‎ होता है। अब डीजल के दाम में‎ कमी आने से किसानों को काफी‎ हद तक राहत मिलेगी।‎

अभी भी बोवनी से बचे हुए हैं कई किसान, उन्हें मिलेगा लाभ‎
अहमदपुर के कृषक विजय जैन ने बताया बे 60 बीघा के खेत में बोनी कर चुके हैं जिसमें अब तक 30000‎ केवल डीजल पर ही खर्च हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि बोनी में आने वाली लागत में डीजल का खर्चा भी काफी‎ अधिक होता है।

उन्होंने बताया कि यदि सरकार पूर्व में दाम कम करती तो कई किसानों को बोवनी में काफी हद‎ तक राहत मिलती।हालांकि उनका कहना है कि जो किसान अभी भी बोवनी से बचे हुए हैं उन्हें डीजल के दामों में‎ कमी आने से काफी बचत होगी।‎

खबरें और भी हैं...