कलेक्टोरेट में किसानों का प्रदर्शन / पूरी खरीदी के पहले ही 199 में से 93 गेहूं केंद्र बंद, 17 हजार किसान लगे कतार में

93 out of 199 wheat centers closed before complete purchase, 17 thousand farmers queued up
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93 out of 199 wheat centers closed before complete purchase, 17 thousand farmers queued up

  • विधायक बोले- नहीं करी पूरी खरीदी तो सड़कों पर उतरेंगे
  • पिछले साल मार्च से मई के बीच मंडी में हुई थी 5 लाख 73 हजार 837 क्विंटल गेहूं खरीदी
  • इस बार हुई सिर्फ 3 लाख 62 हजार 181 क्विंटल

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 05:00 AM IST

विदिशा. इस बार जिले में हुई गेहूं की बंपर पैदावार ने किसानों को राहत और लाभ देने की बजाय परेशानी में डाल दिया है। एक तरफ गेहूं बेचने की जद्दोजहद और दूसरी तरफ शासन के आदेश ने हजारों किसानों को परेशान कर दिया है। शनिवार को जिले में गेहूं खरीदी बंद होने से नाराज किसानों ने जगह-जगह प्रदर्शन किए और नाराजी जाहिर की। वहीं कलेक्टोरेट में एडीएम वृंदावन सिंह से विधायक शशांक भार्गव ने दो टूक में शब्दों में कहा कि किसानों की खरीदी नहीं की गई तो सड़कों पर आंदोलन होगा। हजारों किसान अब भी गेहूं तुलाई का इंतजार कर रहे हैं और अचानक खरीदी बंद कर दी है। यह निर्णय किसानों के साथ अन्याय होगा। इससे पहले कई किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। 
26 मई है आखिरी तिथि
दरअसल जिले में गेहूं खरीदी चल रही है। 26 मई को गेहूं खरीदी की आखिरी तारीख है। जिले के 199 केंद्रों पर खरीदी की जा रही थी लेकिन शुक्रवार से ही जिले के 93 केंद्रों पर अचानक खरीदी बंद के आदेश जारी कर दिए गए। पोर्टल पर ऑनलाइन खरीदी बंद होने से समितियों के कर्मचारी और गेहूं बेचने आए लंबी कतार में लगे किसान हैरान रह गए। 
लंबी लाइन में लगने के बाद किसानों को पता चला कि खरीदी बंद कर दी गई है। इसलिए दर्जनों सहकारी समितियों पर कर्मचारी और किसानों के बीच विवाद की स्थिति बनी। एडीएम वृंदावन सिंह का कहना है कि जिन किसानों की बिल्कुल भी तुलाई नहीं हुई उनके लिए शासन को पत्र भेजा है। हो सकता है उनकी तुलाई संभव हो जाए। 
17 हजार किसानों का क्या होगा
जिले के 81 हजार 171 किसानों ने गेहूं बेचने के लिए ऑनलाइन पंजीयन कराया था। इनमें से 64 हजार 162 किसानों से 6,30,978 मीट्रिक टन गेहूं खरीदी की गई। इस बार मंडी में किसान अपनी उपज नहीं बेच पाए और पैदावार भी बंपर हुई है। इसलिए किसान अपनी उपज खरीदी केंद्रों पर बेचना चाह रहे थे लेकिन अचानक खरीदी बंद कर दी गई। जिले में 17 हजार 9 किसान अपनी उपज नहीं बेच पाए। जिले के कलेक्टर डॉ पंकज जैन ने बताया कि पिछले साल 39 हजार 353 किसानों से 3 लाख 68 हजार 384 मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की गई थी। पिछले साल की तुलना में अभी तक लगभग दोगुनी मात्रा में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी हो गई है। 
गेहूं की तुलाई बंद होने पर  हंगामा
अहमदपुर रोड हांसुआ में गेहूं खरीदी के लिए महाकाल वेयरहाउस पर तौल कांटा लगाया गया था। इंतजार कर रहे किसानों को जब पता चला कि खरीदी बंद हो गई तो उन्होंने हंगामा कर दिया। नटेरन के सेऊ सोसायटी के विनाद वंसतराव मुले ने बताया कि उनकी 650 क्विंटल गेहूं की तुलाई होना था। 13 मई को मैसेज आया था लेकिन समिति वालों ने बताया कि बाद में तुलाई कर लेंगे। अब पता चला कि वहां तुलाई बंद कर दी गई। 
चना खरीदी में तेवड़ा भी विवाद का कारण
पूरी तरह साफ करने के बाद भी चना की तुलाई सरकारी केंद्रों पर नहीं हो रही है। इस वजह से सर्वेयर और किसानों के बीच विवाद हो रहा है। कलेक्टर डॉ. जैन ने बताया कि प्रमुख सचिव से पत्र के माध्यम से आग्रह किया गया है कि जिले में चना एवं मसूर उपार्जन हेतु 61 केन्द्र निर्धारित किए गए हैं। शासन की ओर से इस संबंध में कोई दिशा-निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं कि चना फसल में तेवड़ा होने पर उपज खरीदी की जाए अथवा नहीं। 
कांग्रेसियों ने जताई नाराजी, लगाए नारे 
कांग्रेस नेताओं ने कलेक्टोरेट पहुंचकर नाराजी जताई। विधायक शशांक भार्गव और कांग्रेस जिलाध्यक्ष कमल सिलाकारी ने भी किसानों के पक्ष में नारे लगाए। जिला कांग्रेस अध्यक्ष कमल सिलाकारी ने कहा कि शासन के द्वारा 26 मई गेहूं खरीदने की अंतिम तारीख तय की गई है लेकिन जिले के कई किसान अभी भी अपनी फसल तुलवाने का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन इस दौरान भीड़ में सोशल डिस्टेंस का ध्यान नहीं रखा गया।
ये गलत बात है...  प्रदर्शन के दौरान सोशल डिस्टेंस का नहीं रखा गया ध्यान
लॉकडाउन से मंडी में कम आवक
इस बार पैदावार बंपर हुई लेकिन मंडी में लॉक डाउन की वजह से आवक कम हुई। पिछले साल 1 मार्च से 20 मई के बीच गेहूं की आवक 5 लाख 73 हजार 837 क्विंटल हुई जबकि इस बार 3 लाख 62 हजार 181 क्विंटल आवक हुई। इस तरह पिछले साल की तुलना में मार्च से 20 मई के बीच गेहूं की आवक 2 लाख 11 हजार 656 क्विंटल कम हुई। इसी तारीख में पिछले साल चना की आवक 1 लाख 9 हजार 90 क्विं. आवक हुई थी जबकि इस बार 20 हजार 626 क्विं. आवक हुई।

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