बारिश से बेतवा उफान पर:सीजन में पहली बार चरणतीर्थ मंदिर डूबे, गणेश मंदिर की हद भी पार की

विदिशाएक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
  • बेतवा का लेवल 1370.40 फीट तक पहुंचा जो खतरे के निशान से 2.60 फीट कम

बारिश के इस सीजन में पहली बार सोमवार को बेतवा की बाढ़ में करीब 300 साल पुराने ऐतिहासिक चरणतीर्थ मंदिर डूब गए। मंदिरों तक पहुंचने का रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया था। बाढ़ के कारण यहां पिछले 3 दिनों से मंदिरों में पूजन भी बंद हो गया है। इसके अलावा रंगई स्थित श्री बाढ़ वाले गणेश मंदिर की यज्ञशाला तक पानी पहुंच गया था। मंदिर तक पहुंचने का रास्ता भी जलमग्न हो गया था। भोपाल और रायसेन तरफ अच्छी बारिश होने से विदिशा में सुबह से ही बेतवा का जल स्तर बढ़ने लगा था। जल संसाधन विभाग के अनुसार सोमवार शाम सुबह करीब 11 बजे बेतवा का जल स्तर 1370.40 फीट तक पहुंच गया था जोकि खतरे के निशान से महज 2.60 फीट कम था। हालांकि देर शाम तक यहां का वाटर लेवल 0.10 फीट तक कम हो गया था। इसी प्रकार सम्राट अशोक सागर परियोजना द्वारा संचालित हलाली बांध भी सोमवार शाम तक 1505.30 फीट तक भर गया था। यानी हलाली अब केवल 2.70 फीट तक खाली रह गया है। हलाली की कुल जल ग्रहण क्षमता 1508 फीट है। इसके बाद वेस्ट वीयर यानी छरछरा चालू हो जाएगा। यह बांध अब तक 80 फीसदी से अधिक भर चुका है। इसी से विदिशा और रायसेन नगरीय निकाय के लिए पेयजल की सप्लाई भी होती है। इसके अलावा दोनों जिलों में 70 हजार हेक्टेयर से अधिक एरिया में सिंचाई भी होती है।

बेतवा किनारे बसे गांवों को किया सतर्क: पिछले तीन दिनों से भोपाल और रायसेन तरफ जोरदार बारिश होने और भोपाल में भदभदा डेम के 10 गेट खुलने से विदिशा में बेतवा का जल स्तर सोमवार को 1370.40 फीट तक पहुंच गया था। इस कारण बेतवा किनारे बसे गांवों के लोगों को सतर्क कर दिया गया था। नपाध्यक्ष मुकेश टंडन ने बताया कि रंगई स्थित गणेश मंदिर में सुबह 7 बजे से ही जल स्तर बढ़ने लगा था। सुबह 11 बजे से पहले ही मंदिर की यज्ञशाला बेतवा की बाढ़ में डूब गई थी। हालांकि शाम को जल स्तर में कुछ कमी आई थी। इधर चरण मंदिर के पुजारी पंडित संजय पुरोहित ने बताया कि इस सीजन में पहली बार यहां के ऐतिहासिक मंदिर बेतवा के पानी में डूबे हैं। हालांकि यहां का छोटा पुल बंद होने से मंदिर में 3 दिन से पूजा बंद है। 82.72 फीट भरा हलाली बांध: सम्राट अशोक सागर परियोजना हलाली बांध के सब इंजीनियर बीके बहुलिया ने बताया कि 24 अगस्त सोमवार सुबह 8 बजे तक हलाली बांध 458.83 मीटर यानी 1505.30 फीट तक पहुंच गया था। अभी भी इसे भरने के लिए 2.70 फीट पानी की दरकार है। 1508 फीट का लेवल पूरा होते ही इसमें वेस्ट वीयर यानी छरछरा चालू हो जाएगा। हलाली अभी तक 82.72 फीसदी तक भर चुका है। डेम एरिया में 628 मिमी बारिश अब तक रिकार्ड हुई है। यहां से अब सिंचाई के लिए भी किसानों को पर्याप्त पानी मिल सकेगा। विदिशा में सामान्य बारिश का आंकड़ा 1075.5 मिमी है। जिले को अभी भी इस सीजन में सामान्य बारिश के लिए 319 मिमी बारिश की दरकार है।

खबरें और भी हैं...