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काम की बात:मेडिकल काॅलेज में जल्द लगेगी सीटी स्कैन और एमआरआई मशीन

विदिशाएक महीने पहले
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  • अस्पताल में 70 वेंटिलेटर, 120 बेड में ऑक्सीजन की सुविधा, परिसर में 12000 लीटर स्टारोज की व्यवस्था भी

नगर के शासकीय अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कालेज में सीटी स्कैन और एमआरआई मशीन लगाने की तैयारी चल रही है। इसके लिए जगह भी चिन्हित कर ली गई है। जरूरतमंद मरीजों के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन भी उपलब्ध करवाया जा रहा है। सेकंड फ्लोर के 3 विंग में आक्सीजन वाले 120 बेड की व्यवस्था की गई है। मेडिकल कालेज में अभी आरटीपीसीआर, रैपिड एंटीजन टेस्ट, एक्स-रे, खून की जांच, यूरीन की जांच, पैथालॉजी में कोरोना की जांच की जा रही है।

सवाल: मेडिकल कालेज के अस्पताल में कुल कितने कोरोना मरीजों के इलाज के लिए बेड उपलब्ध हैं?
जवाब: महाविद्यालय के अस्पताल में अभी 310 बेड की व्यवस्था है। इसमें 100 बेड आईसीयू एवं एचडीयू के हैं। बाकी सभी 210 बेड ऑक्सीजन की व्यवस्था के साथ उपलब्ध हैं।
सवाल: अस्पताल में वेंटीलेटर, ऑक्सीजन स्टोरेज की क्या व्यवस्था है?
जवाब:हमारे अस्पताल में 70 वेंटिलेटर हैं जो पूरे तरीके से अभी उपयोग में हैं एवं कॉलेज परिसर में ही 12000 लीटर के स्टोरीज की व्यवस्था है।
सवाल: कितने चिकित्सक अपनी सेवाएं कोरोना वार्ड में दे रहे हैं?
जवाब: मेडिसन विभाग, एनेस्थीसिया विभाग एवं पलमोनरी मेडिसिन के विशेषज्ञ डॉक्टर 24 घंटे एवं सातों दिन, सेवाएं कोरोना के आईसीयू ,एचडीयू एवं अन्य वार्डों में दे रहे हैं। हमारे कॉलेज के कई विभाग के एचओडी ,प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर 12- 12 घंटे की नाइट ड्यूटी भी निरंतर रूप से कर रहे हैं एवं कोरोना मरीजों के इलाज में नियमित रूप से सेवाएं दे रहे हैं। मैं और डीन डा.सुनील नंदीश्वर स्वयं दिन में तीन -चार बार वार्डों का निरीक्षण करते हैं।
सवाल: मरीजों के इलाज के लिए कौन-कौन सी दवाएं आपके अस्पताल में उपलब्ध हैं?
जवाब: चिकित्सा महाविद्यालय के अस्पताल में सारी दवाइयां उपलब्ध हैं। रेमडेसिविर भी जरूरतमंद मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों के परामर्श के बाद कॉलेज प्रबंधन एवं शासन दे रहा है। सभी टेबलेट ,दवाइयां , इंजेक्शन अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। जिन दवाइयों की कमी अस्पताल में होती भी है तो उनको शीघ्र व्यवस्था करके मरीजों को उपलब्ध करवाते हैं। ताकि उनको किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो।
सवाल: अस्पताल में मरीजों की भर्ती का क्या प्रोसीजर है?
जवाब: सर्वप्रथम कोविड पॉजिटिव मरीजों का एडमिशन ,कैजुअल्टी वार्ड/ कोविड वार्ड से होता है, उसके बाद मरीज की गंभीरता के आधार पर उनको कोरोना वार्ड, आइसोलेशन वार्ड,कोरोना आईसीयू एवं एचडीयू में भेजा जाता है। मरीज अगर कोविड वार्ड में गंभीर होते हैं ,उनको तुरंत एचडीयू एवं आईसीयू में उपयुक्त इलाज के लिए भेजा जाता है।
सवाल: अस्पताल में किस फ्लोर पर कौन-कौन से वार्ड हैं एवं बिस्तर उपलब्ध हैं?
जवाब: ग्राउंड फ्लोर पर फीवर क्लीनिक संचालित हो रहा है जहां पर फीवर क्लीनिंग में रोज 300 से 400 मरीज कोरोना का इलाज कराने एवं जांच कराने आ रहे हैं। डिस्ट्रिक्ट कोरोना कामांड सेंटर भी ग्राउंड फ्लोर पर ही है। ग्राउंड फ्लोर पर कोरोना कैजुअल्टी-इमरजेंसी-विभाग स्थापित किया है।

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