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रिश्तों की हत्या:1 करोड़ की बीमा राशि पाने बड़े भाई भांजी ने छोटे भाई की छीनी जिंदगी

विदिशा13 दिन पहले
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  • 4 दिन पहले रायसेन के जंगल में मिले अखिलेश की हत्या का खुलासा

एक करोड़ की बीमा पॉलिसी के रुपए की चाह में रिश्ते भी कुछ नहीं होते। अखिलेश किरार की हत्या के पीछे ये ही कारण निकला है और हत्यारे कोई और नहीं बड़ा भाई धीरज जो एमबीए है, और बचपन से अपने मामा के साथ रह रही 20 साल की बीए कर चुकी भांजी शैलजा। 8 जनवरी को विजय नगर कॉलोनी, अहमदपुर रोड विदिशा निवासी अखिलेश किरार पुत्र कालूराम किरार (30) का शव चिकलोद के पास बंछोड़ के जंगल में मिला। कोतवाली पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच में लिया। जब जांच आगे बढ़ी तो धीरे-धीरे हत्या के पीछे कौन शामिल है, उसकी जानकारी मिली। दरअसल, शव का फोटो वायरल होने के बाद उनके किसी रिश्तेदार न पहचान कर धीरज को इसकी सूचना दी। पुलिस जब मामले की जांच कर रही थी तब पता चला की अंतिम बार धीरज ही अखिलेश के साथ देखा गया था। जब धीरज के पूछा तो उसने कहा भाई ने उसे जंगल में छोड़ देने को कहा था, उसके बाद वह वहां से आगे निकल गया था। लेकिन धीरज की कहानी से पुलिस को शक हुआ। सख्ती से पूछताछ कि तो उसने पूरा सच बता ही दिया। टीवी पर क्राइम पेट्रोल देखने की शौकीन शैलजा और धीरज ने मिलकर ही अखिलेश की हत्या का प्लान बनाया। पुलिस गिरफ्त में आने के बाद अब दोनों सलाखों के पीछे हैं ।

क्राइम पेट्रोल देखकर रची साजिश

8 की सुबह ये हुआ... जीप में बैठे अखिलेश के सिर पर भांजी ने पहले मारा मूसल
बचपन से ही मामा के घर विजय नगर कॉलोनी, विदिशा में रह रही भांजी शैलजा और मामा धीरज, अखिलेश काे अपने साथ 8 जनवरी 2021 को सुबह 4.30 बजे थार जीप से भोपाल के लिए रवाना हुए। वे चिकलोद के पास बंछोड़ के जंगल पास पहुंचे और जैसी जीप रुकी तो पीछे बैठी शैलजा ने आेखली के मूसल से सिर पर जोरदारवार कर दिया। उसके बाद और भी वार किए इससे अखिलेश बेहोश हो गया। दोनों बेहोशी की हालत में उसे खींचते हुए रोड़ से कुछ दूरी पर जंगल में ले आए। उसके बाद नुकीली राड, मूसल और दो किलो के बाट से कई वार कर उसे मार दिया। सुलतानपुर के पास नदी में हथियार मिले।

चिंकलोद के जंगल में मिला शव

हाथ में कड़ा था... 9 जनवरी को शाम 4 बजे पुलिस को सिर कुचला शव मिला
अखिलेश के हत्या तो एक दिन पहले सुबह 5 बजे कर दी गई थी। लेकिन दूसरे दिन दोपहर 4 बजे कोतवाली पुलिस का चिकलोद के जंगल के में अज्ञात शव पड़ा होने के जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने घटना स्थल पर पहुंचकर शव का बरामद किया। इसका सिर कुचला हुआ था, हाथ में कड़ा और काले रंग का पेंट पहने हुआ था। मृतक के सिर,चेहरे एवं पेट में चोटों के घाव में खून जमा हुआ देखा गया। इससे अंधा कत्ल लग रहा था । इसको लेकर कोतवाली थाने में अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच में लिया गया था। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी थी।

रुपए के हिस्से से अपना भविष्य बनाने की चाह

मुंबई जाकर हीरोइन बनना चाहती थी मामा की प्यारी भांजी शैलजा
बचपन से विदिशा में अपने मामा के घर रहने वाली शैलजा (20 )काे एक्टिंग का बहुत शौक था और वह मुंबई जाकर हीरोइन बनना चाहती थी। वहीं मृतक का बड़ा भाई एमबीए तक पढ़ाई कर चुका था। जुआं भी खेलता था। दोनों ने एक करोड़ रुपए बीमा राशि के लालच में आकर अखिलेश की हत्या कर दी । बीमा की राशि में अपना हिस्सा हासिल कर शैलजा मुंबई हिरोइन बनने जाना चाहती थी ।

हत्या के बाद नर्मदा स्नान कर ससुराल पहुंचा आरोपी
भाई अखिलेश किरार की हत्या करने के बाद दोनों आरोपी अलीगंज के पास नर्मदा में नदी में स्नान करने के बाद तामोट स्थित ससुराल पहुंचे । उनके कपड़ों पर खून के धब्बे आने के कारण कपड़े भी जला दिए थे। वहीं हत्या में प्रयुक्त मूसल सहित दूसरा सामान नदी में फेंक दिया । इसके बाद भाई की अंतिम संस्कार में भी आरोपी शामिल हुआ। आरोपी शादी शुदा है ,उसके दो बच्चे भी है । जबकि मृतक की पत्नी उसे छोड़कर पहले ही जा चुकी है ।

मां थी नॉमिनी

मृतक डेयरी संचालक अखिलेश ने 31 मार्च 2018 को 48 साल के लिए बीमा पॉलिसी ली थी। जिसकी वह प्रति माह 7839 के करीब प्रीमियम भरता था। उसने नॉमिनी अपनी मां को बनाया था।

1 साल के अंदर दो बार पहले भी कर चुके हत्या का प्रयास
अखिलेश की हत्या करने की साजिश दोनों आरोपी एक साल से करते आ रहे हैं। इससे पहले भी बे दो बार अखिलेश की हत्या का असफल प्रयास कर चुके हैं एसपी मोनिका शुक्ला, एएसपी अमृत मीणा,एसडीओपी अदिति भावसार और कोतवाली थाना प्रभारी जगदीश सिंह सिद्धु ने मंगलवार को अंधे कत्ल का खुलासा कर दिया।

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