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दशहरा महोत्सव:प्रशासन की गाइड लाइन को ‘न’, जो प्रतिमाएं पहले से ही तैयार हैं, उन्हीं की करेंगे स्थापना

विदिशाएक महीने पहले
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  • 10 बाय 10 के पंडाल में 6 फीट तक की मूर्तियां स्थापित करने का श्री सनातन हिंउस ने किया विरोध

एक दिन पहले प्रदेश सरकार द्वारा आगामी नवरात्र महोत्सव के आयोजन को लेकर जारी की गई नई गाइड लाइन श्रीसनातन हिंदू उत्सव समिति को रास नहीं आ रही है। नई गाइड लाइन में कहा गया है कि 10 बाय 10 के पंडाल में ही अधिकतम 6 फीट की देवी प्रतिमाओं की स्थापना की जाएगी। सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में 100 से अधिक लोग शामिल नहीं होंगे। लाउड स्पीकर का उपयोग भी रात सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के अनुसार होगा। इस मामले में श्री सनातन हिंदू उत्सव समिति का कहना है कि जो देवी प्रतिमाएं पहले से तैयार हैं, हम उन्हीं की स्थापना करेंगे। गाइड लाइन से हिंदू समितियां संतुष्ट नहीं हैं। इसी प्रकार नवरात्र पर्व के समापन के दूसरे दिन ही मनाए जाने वाले दशहरा महोत्सव को लेकर कोई निर्देश नहीं दिया गया है। विजयादशमी पर्व पर हर साल रामलीला मैदान से लेकर जैन कालेज ग्राउंड तक विजय जुलूस निकाला जाता है। यहां आकर रावण के विशाल पुतले का दहन किया जाता है। विजयादशमी के सभी कार्यक्रम होंगे या नहीं, इस बात को लेकर आयोजन समितियों में असमंजस बना हुआ है। नई गाइड लाइन में विजयादशमी पर्व मनाए जाने को लेकर कोई जिक्र नहीं है। इस बार 25 अक्टूबर को नवमी और 26 अक्टूबर को दशहरा मनाया जाएगा।

आहत करने वाली है नई गाइड लाइन
इस संबंध में श्री सनातन हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष अतुल तिवारी का कहना है कि शासन की नई गाइड लाइन का हम विरोध करते हैं। यह हिंदू समाज को आहत करने वाला निर्णय है। यह साल भर का त्योहार होता है। नवरात्र और दशहरे पर गाइड के अनुसार त्योहार मनाना मुश्किल होगा। इस दिन क्षत्रिय समाज का जुलूस निकलता है। रामलीला मेला समिति का भी चल समारोह निकलता है। दशहरा मैदान पर बुराई के प्रतीक रावण के पुतलों का दहन होता है। एक घंटे तक जोरदार रंगीन आतिशबाजी का मुकाबला चलता है। इसी दिन आरएसएस का पथ संचलन भी निकलता है। नई गाइड लाइन में इन कार्यक्रमों को मनाने का कोई जिक्र नहीं है।

ये दिया तर्क... 6 फीट से छोटी प्रतिमा होने पर पंडाल के पास पहुंचेंगे श्रद्धालु, जमा होगी भीड़

श्री सनातन हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष अतुल तिवारी का कहना है कि गाइड लाइन के अनुसार यदि देवी प्रतिमाएं 6 फीट या उससे छोटी बनेंगी तो श्रद्धालु उन प्रतिमाओं को देखने के लिए पंडाल के पास पहुंचने की कोशिश करेंगे। इससे अनावश्यक भीड़ उमड़ेगी। प्रतिमाओं का विसर्जन भी 10 लोग कैसे कर पाएंगे। यदि प्रतिमाओं का आकार 10 फीट या उससे अधिक होता तो श्रद्धालु पंडाल के बाहर दूर से ही दर्शन कर सकते थे।

गाइड लाइन के प्रावधानों का करेंगे अध्ययन
^प्रदेश सरकार द्वारा आगामी त्योहारों को लेकर नई गाइड जारी की गई है। दशहरा पर्व को लेकर हम गाइड लाइन के विभिन्न प्रावधानों का विस्तार से अध्ययन करेंगे। इसके बाद ही इस मामले में कोई चर्चा निर्देश जारी किया जाएगा।
डा.पंकज जैन, कलेक्टर एवं अध्यक्ष श्रीरामलीला मेला समिति विदिशा।

बैठक में जो निर्णय हुए समिति वहीं मानेगी
श्री सनातन हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष अतुल तिवारी का कहना है कि हमने करीब 2 सप्ताह पहले ही इस मामले में श्रीलक्ष्मीनारायण मंदिर में सभी समिति कार्यकर्ताओं, झांकी संचालकों की एक बैठक बुलाई थी। इसमें निर्णय लिया गया था कि प्रशासन की गाइड लाइन नहीं आई है। ऐसे में प्रतिमाओं के निर्माण में विलंब होगा। इस कारण अब हमारे पास जो प्रतिमाएं पहले से तैयार होंगी, हम उन्हीं की स्थापना करेंगे। वे प्रतिमाएं चाहे 10 फीट की हों या फिर उससे छोटी अथवा बड़ी। प्रशासन की गाइड लाइन देर से आई है। इतने कम समय में नई प्रतिमाएं तैयार नहीं हो सकती हैं।
माधवगंज में बिठाते हैं सबसे ऊंची 25 फीट की प्रतिमा
विदिशा में नवरात्र पर वैसे तो कुल 200 स्थानों पर देवी प्रतिमाएं और पंडाल सजाए जाते हैं लेकिन इनमें से 30 ऐसे प्रमुख चौक-चौराहे हैं जहां 10 से लेकर 25 फीट तक प्रतिमाएं स्थापित होती हैं। इनमें सबसे ऊंची देवी प्रतिमा माधवगंज जेपी मंच के पास स्थापित होती है। इसकी ऊंचाई 25 फीट तक रहती है। किला अंदर के शिवमंदिर की प्रतिमा 18 फीट, खरी फाटक बाहर की 17 फीट, अरिहंत विहार की प्रतिमा भी 18 से 19 फीट, बंटीनगर, क्रांति चौक ,पूरनपुरा, दुर्गानगर मेन रोड की प्रतिमाएं भी 15 से 20 फीट की ऊंचाई तक बनती हैं।
आतिशबाजी और रावण के पुतले का भी आर्डर नहीं
इस संबंध में श्रीरामलीला मेला समिति के मानसेवी सचिव राजीव शर्मा का कहना है कि अभी तक गाइड लाइन में चूंकि दशहरा पर्व मनाने को लेकर कोई स्पष्ट निर्देश नहीं हैं, इसलिए अभी तक दशहरा ग्राउंड में जलने वाले रावण के 40 फीट ऊंचे पुतले के निर्माण का आर्डर भी नहीं दिया गया है। इसी प्रकार दशहरा मैदान में होने वाली आतिशबाजी का आर्डर भी नहीं दिया गया है। जिस कारण अभी तक कोई तैयारी नहीं कि गई है। इस मामले में श्रीरामलीला मेला समिति के अध्यक्ष कलेक्टर डॉ. पंकज जैन से मिलकर जल्द ही समिति के माध्यम से चर्चा करेंगे।

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