एसएटीआई में मनाया हथकरघा दिवस:हथकरघा गरीबी से लड़ने में एक अस्त्र: डॉ. चौहान

विदिशा3 महीने पहले
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एसएटीआई में 7 अगस्त को सिंधियाज बैनर के तहत 2015 से प्रतिवर्ष मनाया जाने वाला राष्ट्रीय हथकरघा दिवस मनाया गया। एसएटीआई में बने बाबू तख्तमल जैन हथकरघा केन्द्र में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर योग साधना में एशिया बुक आफ रिकार्ड बना चुकीं श्वेता नेमा अपने परिवार के साथ मुख्य रूप से उपस्थित रहीं। हथकरघा दिवस के अवसर पर सर्वप्रथम संस्था परिसर में पौधरोपण किया गया। इसके बाद हथकरघा केन्द्र में जाकर केन्द्र को संचालित करने वाले और उसमें जान फूंकने वाले कर्मचारियों की हौसला अफजाई की। इस दौरान संस्था संचालक डा. जेएस चौहान ने बताया कि इस दिवस को मनाने का उद्देश्य हथकरघा उद्योग के महत्व एवं आम तौर पर देश के सामाजिक एवं आर्थिक विकास में इसके योगदान के बारे में जागरूकता फैलाना है।

डा. जनार्दन बताते हैं कि हथकरघा गरीबी से लड़ने में एक अस्त्र साबित हो सकता है, उसी तरह जैसे स्वतंत्रता के संघर्ष में स्वदेशी आंदोलन था। हथकरघा उत्पाद जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण आबादी को रोजगार मुहैया कराते हैं। वहीं यह पर्यावरण के अनुकूल भी है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को रोजगार से जोड़ना इस केन्द्र का प्रमुख उद्देश्य है। महात्मा गांधी के जीवन से ओतप्रोत होकर कहा कि श्रम ही पूंजी है।

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