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विदिशा कुआं हादसा:रेस्क्यू एक्सपर्ट बोले- JCB का पंजा लगते ही फिर कुएं में गिर रही भुरभुरी मिट्‌टी, दबे लोगों को चमत्कार ही बचा सकता है; 24 घंटे में 11 में 10 बॉडी निकली

लाल पठार से अनूप दुबे2 महीने पहले

विदिशा के गंजबासौदा के लाल पठार इलाके में करीब 60 परिवार रहते हैं। हादसे के बाद ही यहां पर लोगों की भीड़ जमा है। गुरुवार रात करीब 11 बजे के बाद शुरू हुआ रेस्क्यू का काम अब भी जारी है। 10 शव अब तक निकाले जा चुके हैं। कुएं में अब 10 साल के रवि का शव नहीं मिला है, जिसे बचाने की कोशिश में यह हादसा हुआ है। भोपाल से भी NDRF की विशेष टीम मौके पर पहुंची थी। एक्सपर्ट का कहना है कि भुरभुरी मिट्‌टी होने से रेस्क्यू में दिक्कत आ रही है। भुरभुरी मिट्‌टी पंजा लगते ही वापस गड्‌ढे में गिर जाती है। तीन जेसीबी चलाने के बावजूद ऐसी स्थिति है।

तीन जेसीबी मशीन और लगातार कुएं से पानी फेंक रहे पंपों के बावजूद भी अब तक कुएं का पानी पूरी तरह नहीं निकल पाया है। अभी भी करीब 20 से 25 फीट की खुदाई की जा सकती है। मिट्‌टी भुरभुरी होने के कारण बार-बार मिट्‌टी धसक जा रही है। इससे राहत और बचाव कार्य में मुश्किलें आ रही हैं। यही कारण है कि अब सभी ने मलबे के ढेर में दबे लोगों के जिंदा बचने की उम्मीद छोड़ दी है।

परिजनों की मानें तो रात 10:00 बजे के बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। मौके से 10 शव निकाले जा चुके हैं, लेकिन लगातार कुएं में पानी भरने और मिट्टी धंसने के कारण राहत और बचाव कार्य में देरी होती गई। ऐसे में मलबे के ढेर में दबे लोगों के जिंदा निकलने की उम्मीद कम होने लगी। लातपा लोगों के परिवार वाले उनके सही सलामत निकलने की उम्मीद में कुएं के आसपास जमा हैं। लोगों में गुस्सा भी था और अपनों को खोने का गम टकटकी लगाए लोग अभी कुएं के आसपास नजर आ रहे हैं, लेकिन लोगों का मानना है कि अब कोई चमत्कार ही रवि को जिंदा बचा सकता है।

200 से ज्यादा जवान तैनात किए गए
एएसपी संजय साहू ने बताया कि इस पूरे रेस्क्यू को चलाने के लिए 200 से अधिक जवान तैनात किए गए है। इसके अलावा NDRF, SDRF और नगर सेना जिला प्रशासन नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग का अमला भी राहत एवं बचाव कार्य में जुटा हुआ है। मलबे में दबे 10 लोगों के शव निकाल लिए हैं। अब जिस तरह से पानी और मलबे का ढेर निकाल रहा है उससे रवि के जिंदा बचे होने की उम्मीद काफी कम है।

हालांकि अभी हम प्रयास कर रहे हैं कि शायद कोई जिंदा बचा हो इसलिए डॉक्टरों की टीम को रखा गया है, ताकि रेस्क्यू के दौरान निकले लोगों में अगर थोड़ी सी भी जिंदा होने की उम्मीद है तो तत्काल डॉक्टरी मदद उपलब्ध कराई जा सके अभी यह कहना मुश्किल है कि यह रेस्क्यू कार्य कब तक जारी रहेगा, लेकिन लगातार मलबा और पानी को बाहर निकाला जा रहा है इसके देर रात तक लगातार चलते रहने की संभावना है।

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