मौसम / नौतपा कल से; उसके पहले ही पारा 44.4 डिग्री पर आया

Nautapa since yesterday; Before that the mercury came at 44.4 degrees
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Nautapa since yesterday; Before that the mercury came at 44.4 degrees

  • सूर्य का रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करने पर ही होती है नौतपा की शुरुआत, 2 जून तक रहेगा

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 05:00 AM IST

विदिशा. 25 मई सोमवार से नौतपा प्रारंभ हो रहे हैं जो कि 2 जून मंगलवार तक रहेंगे।  जबकि शनिवार को अधिकतम पारा सर्वाधित 44.4 डिग्री पर आ गया था। वहीं रात में भी गर्मी अपना स्वभाव दिखाने लगी है। रात का पारा 29 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं इस बारे में पंडितों की भी अपनी राय है। 
धर्माधिकारी पंडित विनोद शास्त्री ने बताया कि जब रोहिणी नक्षत्र में सूर्य का प्रवेश होता है तो तपा प्रारंभ हो जाते हैं।यह नक्षत्र पहले 9 दिन अधिक तपता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार एक नक्षत्र में सूर्य 15 दिन रहता है। रोहिणी नक्षत्र में सूर्य 15 दिन तक रहेंगे लेकिन 9 दिन सूर्य अधिक तपता है और इस कारण इसे नौतपा कहते हैं। रोहिणी नक्षत्र में सूर्य का प्रवेश होते ही प्रखर ग्रीष्म ऋतु प्रारंभ हो जाती है। 
सीधे पड़ती है सूर्य की किरण: पंडित विनोद शास्त्री ने बताया कि रोहिणी नक्षत्र में रोहिणी के घर में सूर्य के रहने से 9 दिनों तक की लंबवत किरण पृथ्वी पर पड़ती है जिससे पृथ्वी के भूभाग में गर्मी उत्पन्न होती है। कहते हैं कि यह 9 दिनों में ताप काल जितना तपता है उतनी ही अच्छी बारिश होती। रोहिणी नक्षत्र में सूर्य पृथ्वी के अधिक पास आ जाते हैं जिससे पृथ्वी अधिक तपती है। उन्होंने बताया कि रोहिणी नक्षत्र में सूर्य के प्रवेश करते ही धरती और सूर्य के बीच की दूरी काफी कम हो जाती है जिससे धरती पर तपन बढ़ती है। 
बारिश के योग
इस साल संवत्सर के राजा बुध है और रोहिणी का निवास संधि में है। इससे बारिश तो समय पर आ जाएगी लेकिन कहीं पर ज्यादा तो कहीं पर कम बारिश हो सकती है। इस बार देश के रेगिस्तानी और पर्वतीय इलाकों में ज्यादा बारिश हो सकती है। बारिश के कारण अनाज और धान की पैदावार अच्छी रहेगी। धान्य, दूध व पेय पदार्थों में तेजी रहेगी। जौ, गेहूं, राई, सरसों, चना, बाजरा, मूंग की पैदावार आशानुकूल होगी।
नौतपा पर परंपरा
परंरपरा के अनुसार नौतपा के दौरान महिलाएं हाथ पैरों में मेहंदी लगाती हैं। क्योंकि मेहंदी की तासीर ठंडी होने से तेज गर्मी से राहत मिलती है। इन दिनों में पानी खूब पिया जाता है और जल दान भी किया जाता है ताकि पानी की कमी से लोग बीमार न हो। इस तेज गर्मी से बचने के लिए दही, मक्खन और दूध का उपयोग ज्यादा किया जाता है। इसके साथ ही नारियल पानी और ठंडक देने वाली दूसरी और भी चीजें खाई जाती हैं।

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