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वैक्सीनेशन:21.74 % आबादी ही कवर; 85.97% को पहला, दूसरा डोज सिर्फ 14.2% को ही लगा

विदिशाएक महीने पहले
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  • 10,48893 की आबादी में से अब तब सिर्फ 2,28 289 को लगा टीका

जिले में कोरोना से बचाव के लिए चल रहे टीकाकरण की रफ्तार धीमी है। जनवरी माह से शुरू हुए इस वैक्सीनेशन में जिले में अभी तक कुल 21.74 की आबादी को ही कोरोना संक्रमण से सुरक्षा के लिए वैक्सीन का कवच नसीब हुआ है।

जिले में 18 प्लस, 45 प्लस और 60 प्लस तक की कुल 10 लाख 48 हजार 893 लोगों को कोरोना से बचाव का टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें से अभी तक 2 लाख 28 हजार 289 लोगों का ही टीकाकरण हो सका है। इनमें भी वैक्सीन का पहला डोज केवल 1 लाख 96 हजार 282 लोगों को ही लग सका है। याने 85.97 फीसदी ही रहा। जबकि जिले में दूसरे डोज की स्थिति और खराब है।

जिले में अभी तक सिर्फ 32007 लोगों को दूसरा टीका लगा है। याने 14.02 फीसदी ही । जिले में अब तक सभी श्रेणियों में ही टीकाकरण में दूसरा डोज बहुत कम लोगों की लग सका है। इसमें 18 प्लस श्रेणी में दूसरा डोज करीब 96.91 फीसदी लोगों को नहीं लगा है। जबकि 45 प्लस में 90.02 फीसदी और 60 प्लस आयु वर्ग में 80.92 फीसदी लोगों ने दूसरा डोज नहीं लगवाया है।

डोज के साथ लोगों में जागरूकता की कमी
जिले में एक ओर जहां वैक्सीन के डोज की कमी की वजह से टीकाकरण अभी तक कम रहा है, वहीं 45 प्लस और 60 प्लस वर्ग में लोगों को लोगों में वैक्सीन लगवाने को लेकर जागरुकता की कमी देखने को मिल रही है। खासकर 18 प्लस वर्ग में वैक्सीन के सीमित डोज मिलने से टीका लगवाने के लिए ज्यादातर लोगों को अपनी बारी के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। हालांकि जिले में जून में जाकर वैक्सीनेशन की रफ्तार कुछ हद तक तेज हुई है। जून में अब तक जिले में 40847 लोगों का टीकाकरण हो चुका है। 21 जून से शुरू हो रहे वैक्सीनेशन के महाअभियान में ज्यादा से ज्यादा आबादी को वैक्सीन से कवर होने की उम्मीद है।

10 % हेल्थ केयर वर्कर और 9 % फ्रंट लाइन ने नहीं लगवाया एक भी टीका
जिले में सबसे पहले जनवरी माह में हेल्थ केयर वर्कर और फ्रंटलाइन वर्करों का वैक्सीनेशन शुरू हुआ था। हैरत की बात यह है कि इस श्रेणी में ही बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जो कि टीका लगवाने के लिए आगे नहीं आए हैं। इसके कारण भी अलग-अलग सामने आ रहे हैं। जिले में करीब 10 फीसदी हेल्थ केयर वर्कर और 9 फीसदी फ्रंटलाइन वर्करों ने भी अभी तक वैक्सीन का एक भी डोज नहीं लगवाया है। जिले में 9712 हेल्थ केयर वर्करों को टीके लगाने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से 8764 हेल्थ केयर वर्करों ने जहां पहला डोज लगवाया है, वहीं दूसरा डोज सिर्फ 6707 लोगों को ही लगा है। इसी तरह 6430 फ्रंटलाइन वर्करों में से कुल 5863 वर्करों ने जहां वैक्सीन का पहला डोज लगवाया है, वहीं दूसरा डोज सिर्फ 3879 फ्रंटलाइन वर्करों ने ही लगवाया है।

किस आयु वर्ग में कितना लक्ष्य और कितना हुआ वैक्सीनेशन

18 से 44 साल
जिले में 18 से 44 आयु वर्ग के 6 लाख 93 हजार 926 व्यक्तियों को टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। इसमें अभी तक कुल 50358 लोगों का पहला और 1553 को दूसरा डोज ही लग सका है।
45 से 60 साल
1 लाख 91 हजार 428 व्यक्तियों का टीकाकरण होना है। इसमें से अब तक 56918 को वैक्सीन का पहला डोज लगा है। जबकि दूसरा डोज 5679 लोगों का लगा है।

60 से अधिक आयु वाले: 60 से अधिक आयु वर्ग के 1 लाख 63 हजार 540 व्यक्तियों का टीकाकरण किया है। इनमें से अभी तक 74379 लोगों को वैक्सीन का पहला डोज लगा है। जबकि दूसरा डोज केवल 14189 ने ही लगवाया है।

टीका लगवाने की मांग: विधायक शशांक भार्गव ने कलेक्टर को पत्र लिखकर जिले में निवासरत ऐसे लोग जिनके पास आधार कार्ड अथवा अन्य कोई पहचान पत्र नहीं है, उनको भी वैक्सीन लगवाई जाए।

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