पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

कोरोना से जंग:89 पर था ऑक्सीजन लेवल, 12% तक फेफड़ों में संक्रमण, अब स्वस्थ

विदीशाएक महीने पहलेलेखक: प्रमोद साहू
  • कॉपी लिंक
  • वैक्सीन का पहला डोज लगने और आत्मविश्वास से 70 साल की बुजुर्ग महिला ने कोरोना को हराया

वैक्सीन का पहला डोज लगने के बाद जब मुझे और 70 वर्षीय पत्नी निर्मला को बुखार और खांसी की शिकायत हुई तो लगा कि वैक्सीन का असर है। जब तीन दिन बाद भी राहत नहीं मिली तो हमने कोरोना की जांच कराई। रिपोर्ट में हम दोनों पॉजीटिव निकले। निर्मला को ज्यादा तकलीफ होने लगी थी, मैने बेटे संजीव को जानकारी दी।

संजीव ने देरी नहीं की और भोपाल के निजी अस्पताल में बात कर मां को तुरंत ही वहां पर भर्ती करवा दिया। निर्मला का ऑक्सीजन लेवल 89 था और फेफड़ों में भी संक्रमण का स्तर 12 प्रतिशत तक पहुंच गया था। मैं घर पर ही क्वारेंटाइन रहा। कोरोना संक्रमण के जो हालात बन रहे थे। उसे देख कर बेहद चिंता हो रही थी लेकिन बेटे ने साफ कह दिया था कि चिंता की कोई बात नहीं है। मां जल्दी ही ठीक होकर वापस घर लौट आएगी।

4 दिन तक निर्मला ऑक्सीजन पर रही और इसके बाद रिकवरी शुरू हो गई। 30 अप्रैल को कोरोना को मात देकर अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद वह घर वापस लौटी और अब हम दोनों सिरोंज में बेटे के यहां पर स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। अब हम वैक्सीन के लिए जरूरी नियमों का पालन करते हुए निर्धारित अवधी के बाद दूसरा डोज भी अनिवार्य रूप से लगवाएंगे। महेश माथुर और उनकी पत्नी निर्मला माथुर गुना जिले के म्याना गांव में रहते हैं।

खबरें और भी हैं...