पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Bhopal
  • Vidisha
  • Oxygen, Plasma, Beds Can Be Easily Detected, So Young Created The Plas Match App, Information Will Be Available Even When GPS Is Turned On.

कोरोना संक्रमित:ऑक्सीजन, प्लाज्मा, बेड का आसानी से पता चल सके इसलिए युवा ने बनाया प्लास मैच एप, जीपीएस चालू होने पर भी मिलेगी जानकारी

विदिशाएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • कोरोना संक्रमित मरीजों को 10 से ज्यादा शहरों की मिल रही है जानकारी

शहर के नंदवाना निवासी साफ्ट इंजीनियर अंकित अग्रवाल ने एक ऐसी एप्स डवलप की है जिसकी मदद से कोरोना संक्रमित मरीजों को काफी मदद मिल रही है। इस एप्स की मदद से 10 से अधिक शहर में ये पता चलता है कि मरीज के पास के कौन से हास्पिटल में बेड खाली है और कहां पर आक्सीजन की उपलब्धता है। साथ ही प्लाज्मा की जानकारी भी इस एप्स की जरिए मिल रही है।

सोशल मीडिया पर मिल रही थी गलत जानकारी , इसलिए एप को तैयार किया: अंकित
नंदवाना निवासी अंकित अग्रवाल मुम्बई में रहकर आईटी क्षेत्र में काम करते हैं। कोरोना के दौर में उनके और उनके सहयोगी आनंद नंदा के कुछ निकटवर्ती लोग जब कोरोना से पीड़ित हुए और उन्हें परेशान होते हुए देखा। उन्होंने देखा कि सोशल मीडिया पर मिली जानकारी या तो गलत थी या नंबर बंद थे। इस चक्कर में मरीजों को बेड और आक्सीजन नहीं मिल पाई। इसके चलते वे लोग गंभीर अवस्था तक पहुंच गए। तभी इन्होंने फैसला किया कि क्यों न एक ऐसा प्लेटफार्म तैयार किया जाए जिसमे सारी जानकारी हो और सही जानकारी एक साथ मिल जाए। इससे लोगों को समय पर इलाज मिल जाए और लोग जल्द स्वस्थ हो सकें।

इस तरह की मदद मिलती है एप्स से: अंकित अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने प्लास मैच एप तैयार की। इसके जरिए आपके निकट कौन से अस्पताल में कितने आईसीयू बेड खाली हैं और कितने ऑक्सीजन बेड की जानकारी मिल जाएगी। शहर मंे कहां ऑक्सीजन मिल रही है और कहां कौन सा एनजीओ काम कर रहा है इसकी जानकारी मिलती है। किसको कौन से ग्रुप का प्लाज्मा देना है और किसको एम्बुलेंस कहां मिलेगी के अलावा खाना कहां और कैसे मिलेगा की जानकारी भी इससे मिलेगी।

गलत जानकारी की कर सकते
हैं रिपोर्ट: अंकित ने बताया कि प्लास मैच एप क्राउड सोर्स इन्फॉर्मेशन से चलने वाली एप है। जिसमें लोग खुद जानकारी डाल सकते हैं और अगर कोई गलत जानकारी है तो उसे रिपोर्ट भी कर सकते हैं। रिपोर्ट के बाद टीम पड़ताल कर गलत जानकारी को 10 मिनट में हटा देती है। अगर आपके मोबाइल का जीपीएस चालू है तो आपके सबसे नजदीक की जानकारी यह आपको देगा। 2 मई को इसे मंजूरी मिली।

खबरें और भी हैं...