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टोकन बिना वैक्सीन नहीं लगी:जो घंटों लाइन में लगे थे, उनका नंबर आने पर खत्म ही हो गई

विदिशा19 दिन पहले
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  • जिले में अब तक 34.02 प्रतिशत को पहला और 5.78 प्रतिशत को ही दूसरा डोज लगा

बुधवार को जिले में वैक्सीन के पहले और दूसरे डोज लगाए गए। वैक्सीनेशन की धीमी रफ्तार से लोग घंटों तक केंद्रों के बाहर लाइन लगाकर खड़े रहे । कई सेंटरों पर वैक्सीन खत्म होने से लोगों को घर वापस लौटना पड़ा। बुधवार को शहर के 10 वैक्सीनेशन केंद्रों पर वैक्सीन लगाई गई।

इन केंद्रों पर सुबह 7 बजे से ही लोगों का आगमन शुरु हो गया था लेकिन सेंटरों पर वैक्सीन के लिमिटेड डोज होने के कारण सुबह 8 बजे ही टोकन बांट दिए गए। इस कारण कई लोग वैक्सीन के इंतजार में घंटों तक सेंटरों के बाहर खड़े रहे। शहर के पुराना जिला अस्पताल में वैक्सीनेशन के लिए लोगों की लंबी लाइन लगी। कड़ी धूप में खड़े रहने के बाद वैक्सीन न लग पाने के कारण लोगों में आक्रोश दिखा।

पूरी आबादी को दोनों डोज में 21 महीने लगेंगे : स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक जिले में 4 लाख 20 हजार लोगों को वैक्सीन के डोज लगे हैं। इनमें से 3 लाख 59 हजार को पहला और 61 हजार लोगों को वैक्सीन के दोनों डोज लग चुके हैं। जिले में कुल 10 लाख 55 हजार लोगों को वैक्सीन के दोनों डोज मतलब 21 लाख 10 हजार डोज की आवश्यकता है।

ऐसे में अब तक कुल आबादी के 34.02 प्रतिशत लोगों को वैक्सीन का पहला डोज और केवल 5.78 प्रतिशत लोगों को वैक्सीन का दूसरा डोज लगा है। जिले में 15 फरवरी से वैक्सीनेशन शुरु हुआ था। पांच महीने के औसत के हिसाब से हर महीने में 84 हजार को पहला डोज लगा है। इस हिसाब से जिले की पूरी आबादी को दोनों डोज लगाने में अभी 21 महीने का वक्त लगेगा।

आपबीती... 2 दिन से मजदूरी छोड़कर आ रहा, लेकिन वैक्सीन नहीं लगी: ट्रिनिटी कान्वेंट के बाहर वैक्सीनेशन के इंतजार में खड़ी बंटी नगर निवासी भारती यादव ने बताया कि वे 2 बार वैक्सीन लगवाने आ चुकी हैं लेकिन सेंटर पर आते ही उन्हें वैक्सीन खत्म होने और टोकन बंट जाने का कहकर भगा दिया जाता है।

संतराम अहिरवार ने बताया कि वे वैक्सीन का पहला डोज लगवाने सेंटर पर सुबह ही आ गए थे लेकिन टोकन बिना वैक्सीन नहीं लगेगी कहकर भगा दिया गया। बंटी नगर निवासी अन्य महिला शिववती कुशवाह का कहना था कि वे मजदूरी का काम करती हैं। दो दिन की मजदूरी छोड़कर वैक्सीन लगवाने आ चुकी हैं। घंटों तक लाइन में खड़े होने के बाद वैक्सीन खत्म हो जाती है और घर लौटना पड़ता है।

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