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थोड़ी राहत:कोरोना मरीजों की संख्या घटी, मेडिकल काॅलेज में अब 310 में से 193 बेड खाली

विदिशाएक महीने पहलेलेखक: अरुण त्रिवेदी
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कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर शुरू होने के बाद अप्रैल में शासकीय अटलबिहारी वाजपेयी मेडिकल काॅलेज में मरीजों के लिए कुल 310 बेड का इंतजाम किया गया था। इसमें से 50 बेड का एक आईसीयू भी बनाया गया था। अब मई के आखिरी सप्ताह में जिले में संक्रमित मरीजों की दर में कमी आई है। इस वजह से 310 में से इस समय 193 बेड खाली हो गए हैं।

50 बेड वाले आईसीयू में इस समय सिर्फ 33 मरीज ही भर्ती हैं। इसमें 17 बेड खाली हैं। इसी प्रकार इसके अलावा आक्सीजन और जनरल वाले 260 बेड में से इस समय सिर्फ 84 मरीज ही भर्ती हैं। 176 बेड खाली हैं। इन वार्डों में कुल 117 मरीजों का अभी इलाज चल रहा है। ऐसी स्थिति करीब 2 महीने बाद बनी है जब मरीजों के लिए आसानी से बेड उपलब्ध हो रहे हैं।

अप्रैल के आखिरी सप्ताह में मरीजों की तादाद बढ़ने पर मरीजों को होल्ड करके रखा गया था। आक्सीजन वाले बेड उपलब्ध नहीं हो रहे थे। लेकिन अब गंभीर मरीजों को इलाज के लिए बेड मिल रहे हैं।

जिले में 28 मई तक भर्ती मरीजों की स्थिति

  • 46 आईसीयू में भर्ती।
  • 28 स्टेप डाउन में ।
  • 06 विदिशा कोविड केयर सेंटर में ।
  • 09 ग्यारसपुर कोविड केयर सेंटर में।
  • 12 सिरोंज के कोविड सेंटर में।
  • 01 कुरवाई के कोविड सेंटर में।
  • 10 मरीज गंजबासौदा के कोविड सेंटर में।
  • 05 मेडिकल काॅलेज के आइसोलेशन वार्ड में।

मरीजों की संख्या घटी, जिला अस्पताल के 3 वार्ड बंद

कोरोना महामारी को देखते हुए कलेक्टर डा.पंकज जैन, सिविल सर्जन डा.संजय खरे ने भी कमर कसते हुए जिला अस्पताल प्रबंधन की ओर से मेडिकल कालेज में ही 2सी, 2बी और 2ए सहित 3 वार्डों में 120 बेड का इंतजाम किया था। इसमें जिला अस्पताल के डाक्टरों और नर्सों की ही ड्यूटी लगाई गई थी। सिविल सर्जन डा.संजय खरे और डा.प्रमोद मिश्रा ने बताया कि मरीजों की संख्या कम होने पर इन तीनों वार्डों को भी अब बंद कर दिया गया है।

जिला अस्पताल में पोस्ट कोविड ओपीडी चालू
जिला अस्पताल के डा.प्रमोद मिश्रा ने बताया कि कोविड संक्रमण से ठीक होने के बाद कई मरीजों को बाद में ईएनटी और नेत्र रोग संबंधी प्राबलम होती हैं। इस कारण जिला अस्पताल में ही ऐसे मरीजों के लिए पोस्ट कोविड ओपीडी चालू की गई है। इसमें ईएनटी के विशेषज्ञ डा.आरएल सिंह और नेत्र रोग विशेषज्ञ डा.आरके साहू अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

1000 ली. का ऑक्सीजन टैंक डीआरडीओ से लगेगा
डा.प्रमोद मिश्रा ने बताया कि डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट आर्गेनाइजेशन ( डीआरडीओ ) के सहयोग से 1000 लीटर का आक्सीजन टैंक लगाया जा रहा है। इसमें सबसे पहले बेस तैयार किया जा रहा है। आक्सीजन के लिए लाइन पहले से बिछ चुकी है। नया टैंक चालू हो जाने से क्रिटिकल मरीजों के लिए काफी सुविधा मिल जाएगी।

मरीजों की संख्या में कमी से 176 बेड खाली पड़े हैं

मई के आखिरी सप्ताह में मरीजों की संख्या में काफी कमी आई है। इस वजह से बेड खाली हुए हैं। आईसीयू के 50 में से 33 बेड भरे हैं। 17 खाली हैं। इसी प्रकार आक्सीजन और जनरल वाले 260 में से 84 बेड भरे हुए हैं और 176 बेड खाली हैं। लगातार स्थिति में सुधार हो रहा है।-डॉ.डी.परमहंस, सुपरिंटेंडेंट मेडिकल कालेज ।

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