धीमी गति:खरी फाटक आरओबी की तीसरी‎ भुजा अब मार्च तक बनना तय‎

विदिशा‎एक महीने पहले
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खरी फाटक से मंडी परिसर के अंदर‎ तक आरओबी का थर्ड लैग।‎ - Dainik Bhaskar
खरी फाटक से मंडी परिसर के अंदर‎ तक आरओबी का थर्ड लैग।‎
  • दो भुजा से 35 मीटर‎ लंबी होगी तीसरी‎
  • मार्च में शुरू निर्माण 6 माह में पूरा होना था, अभी सिर्फ पिलर ही खड़े‎

खरीफाटक आरओबी के 2018 में‎ दो लेग बनने के बाद थर्ड लेग (‎भुजा) का निर्माण कार्य जहां दो‎ साल तक विवादों के चलते अधर‎ में पड़ा रहा। जैसे तैसे थर्ड लेग‎ बनने की राह आसान हुई तो‎ निर्माण कार्य बेहद धीमी गति से‎ चल रहा है। बताया जाता है कि‎ बिजली पोल और लाइन के कारण‎ काम में देरी हो रही है। थर्ड लेग के‎ निर्माण की समय सीमा पूर्व में‎ करीब मार्च 2021 रखी गई थी।‎

जबकि 8 महीने में अभी तक‎ निर्माण कार्य पिलर लेवल तक ही‎ सीमित है। तीसरा लेग पूर्व में निर्मित‎ दो लेग से 35 मीटर लंबा होगा।‎ थर्ड लेग का अंतिम सिरा मंडी के‎ अंदर अनाज तिलहन संघ के‎ कार्यालय के सामने अब मार्च‎ 2022 तक उतरेगा। लेग की लंबाई‎ अधिक होने से लोडिंग वाहनों को‎ चढ़ाव व उतार में दिक्कत नहीं‎ होगी।

इसके अलावा थर्ड लेग बनने‎ से शहर में ट्रैफिक व्यवस्था काफी‎ सुधार होगा।मंडी में आने वाले‎ हैवी वाहन जैसे कि ट्रैक्टर-ट्राली‎ और ट्रक सहित अन्य लोडिंग वाहन‎ शहर के मुख्य मार्गों में घुसने के‎ बजाए सीधे मंडी में अंदर उतरेंगे।‎ इससे सड़कों पर जाम और ट्रैफिक‎ दबाव की समस्या नहीं होगी।‎

फायदा... ट्रैक्टर-ट्रॉली और ट्रक सीधे मंडी में ही आ सकेंगे‎

एस्टीमेट रिवाइज, 6‎ करोड़ में बनना तय‎

आरओबी का निर्माण कार्य‎ पीडब्ल्यूडी की विंग ब्रिज‎ कार्पोरेशन द्वारा बनाया जा रहा‎ है। करीब 23 करोड़ रुपए की‎ लागत से ब्रिज का निर्माण की‎ लागत रखी गई थी। थर्ड लेग‎ का निर्माण कार्य अटकने से‎ एस्टीमेट रिवाइज किया गया है।‎ थर्ड लेग का निर्माण करीब 6‎ करोड़ से किया जा रहा है। तीन‎ दिशाओं वाले इस आरओबी‎ की दो लेग की मौजूदा लंबाई‎ 550 मीटर है। चौड़ाई 8.5‎ मीटर रहेगी। आरओबी में पटरी‎ क्षेत्र में 66 मीटर का हिस्सा‎ रेलवे द्वारा बनाया गया है। इसमें‎ से दो लेग जहां 242 मीटर‎ लंबी हैं, वहीं थर्ड लेग करीब‎ 277 मीटर लंबी रहेगी। इस‎ तरह पीतल मिल से मंडी तक‎ तक आरओबी की लंबाई करीब‎ 585 मीटर हो जाएगी।‎

अभी 30 फीसदी वाहन‎ गुजरते हैं‎ आरओबी से‎‎
शहर में दो आरओबी हैं। इनमें से‎ सौठिया फाटक रेलवे क्रॉसिंग‎ क्षेत्र में पूर्व के वर्षों में बने‎ आरओबी से शहर का सबसे‎ ज्यादा ट्रैफिक गुजरता है। खरी‎ फाटक आरओबी बनने से पहले‎ एक मात्र ओवर ब्रिज से ही‎ ट्रैफिक पास होता था। खरी‎ फाटक रेलवे क्रॉसिंग पर‎ आरओबी बनने से पुराने ओवर‎ ब्रिज का 30 फीसदी वाहनों का‎ ट्रैफिक डायवर्ट हो गया है। अभी‎ भी कई लोग खरी फाटक‎ आरओबी से जुड़े मार्गों पर हैवी‎ वाहनों की वजह से लगने वाले‎ जाम की वजह से पुराने ओवर‎ ब्रिज से ही गुजर रहे हैं।‎

इन क्षेत्रों के लोगों को मिलेगी काफी राहत‎
खरीफाटक आरओबी का मुख्य रूप से बंटीनगर, सुभाषनगर, पीतलमिल,‎ अहमदपुर चौराहा, चुंगीनाका, शेरपुरा, दुर्गानगर, खरी फाटक आदि क्षेत्र के‎ लोगों को आरओबी की तीसरी भुजा बनने से काफी फायदा मिलेगा।‎

शहर का ट्रैफिक दबाव कम होगा‎​​​​​​​

  • आरओबी के थर्ड लेग की लंबाई पूर्व के दो लेग से‎ अधिक है। इसका अंतिम सिरा मंडी प्रागंण के अंदर‎ स्थित अनाज तिलहन संघ के कार्यालय के सामने‎ उतरेगा। थर्ड लेग बनने से खरी फाटक रोड सहित‎ आसपास के मार्गों का ट्रैफिक दबाव काफी कम हो‎ जाएगा।‎ - गोपाल सिंह वर्मा, एसडीएम विदिशा‎

बिजली के पोल और लाइन शिफ्ट होना है‎

  • ख्ररीफाटक आरओबी की तीसरी भुजा का निर्माण कार्य‎ मार्च तक पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। तीसरी‎ भुजा की लंबाई एप्रोच रोड सहित करीब 300 मीटर की‎ रहेगी। बिजली के पोल व लाइन शिफ्ट होना है।इसमें‎ देरी होने की वजह से निर्माण कार्य में विलंब हो रहा है।‎ लोगों को जल्द ही इसकी सुविधा मिलेगी।‎ - जावेद शकील, ईई ब्रिज कार्पोरेशन‎
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