कॉलोनियों के गेट बंद:माइक्रो कंटेनमेंट जोन नहीं माना तो 6 काॅलोनी के हर घर में संक्रमण, अब बाहर जाने पर सख्ती

विदिशा6 महीने पहले
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गेट को पूरी तरह से बंद करने के लिए बेरिकेडिंग की गई है। बाहर पुलिस तैनात। - Dainik Bhaskar
गेट को पूरी तरह से बंद करने के लिए बेरिकेडिंग की गई है। बाहर पुलिस तैनात।
  • रायलसिटी, अरिहंत विहार, आज्ञाराम सहित 6 काॅलोनी को टोटल लॉकडाउन

शहर में हाट स्पाट बनने के बाद रायल सिटी कालोनी, आज्ञाराम कालोनी, आरएमपीनगर, बालाजीपुरम, टीलाखेड़ी और अरिहंत विहार कालोनी को पूरी तरह लॉक कर दिया गया है।

इन इलाकों में प्रशासन ने पहले माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाकर संक्रमण को रोकने का प्रयास किया था लेकिन लोगों ने जब इसका उल्लंघन किया तो संक्रमित मरीजों की संख्या इस कदर बढ़ गई कि यहां क्लस्टर कंटेनमेंट प्लान लागू कर दिया गया।

इन सभी 6 पाॅश कालोनियों के दोनों गेटों को सील कर आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। इनके मुख्य द्वार पर बेरिकेडिंग कर पुलिस का पहरा लगा दिया गया है।

यहां टोटल लॉक डाउन किए जाने के कारण इन 6 कालोनियों के 22 हजार से ज्यादा लोग अपने घरों में कैद हो गए हैं। सब्जी, दवाई सहित जरूरी चीजों के लिए लोग परेशान हो गए हैं। पूरी कालोनी सील करने के कारण यहां के लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

वहीं प्रशासन का कहना है कि क्लस्टर कंटेनमेंट बनाने के बाद भी दूसरे गेट से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति जारी रहेगी।

शहर में पटरी पार इलाके के राजीव नगर, ब्लाक कालोनी, आज्ञाराम कालोनी, रायल सिटी कालोनी, आरएमपी नगर, टीलाखेड़ी सहित कई इलाकों में बुखार और संक्रमण का जोर बढ़ रहा है। हर दूसरे घर में संक्रमित मिल रहे हैं। इस कारण इन इलाकों में जगह-जगह माइक्रो कंटेनमेंट जोन बने हुए नजर आ रहे हैं।

सुबह जब घर से बाहर निकले तो पुलिस ने कर दिया वापस
रायलसिटी कालोनी, आज्ञाराम कालोनी, बालाजीपुरम सहित 6 प्रमुख पाश कालोनियों के लोग गुरुवार को सुबह जब अपने घरों से बाहर जाने के लिए गेट पर पहुंचे तो वहां क्लस्टर कंटेनमेंट जोन बनने के बाद पुलिस का पहरा देखकर हैरत में पड़ गए। कालोनी से बाहर निकलने वाले लोगों से गेट से बाहर नहीं जाने दिया गया। लोग दिन भर जरूरी सामग्री लेने के लिए परेशान होते रहे।

ये भी कारण संक्रमित होने के 10 दिन बाद हो रहा सैनिटाइजेशन
देखने में आ रहा है कि जिन इलाकों में कोरोना संक्रमित मरीज निकल रहे हैं। वहां नगरपालिका की टीम संक्रमित मरीज मिलने के 10 दिन बाद मरीज के घर को सैनिटाइज करने पहुंच रही है। इससे संक्रमण और बढ़ रहा है। जबकि उन इलाकों को तुरंत ही सैनिटाइज करना चाहिए।

खुद बढ़ाई मुसीबत कंटेनमेंट जोन के नियमों का पालन नहीं कर रहे लोग
शहर के जिन इलाकों में प्रशासन ने माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाए हैं, वहां के लोग कोविड प्रोटोकाल के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। बेफिक्र होकर संक्रमित लोगों ने बेरिकेडिंग निकाल दिए हैं। उनके परिजन हाट-बाजार में घूम रहे हैं। इससे दूसरे लोगों में संक्रमण का खतरा बढ़ता जा रहा है।

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