निर्विरोध चुनाव के फायदे ले रहा 'मांजरोद गांव':यहां लोगों को चुनाव प्रचार और शोरगुल से कोई मतलब नहीं, समय और लाखों रुपए भी बचाए

बुरहानपुर2 महीने पहले

एक तरफ जहां पूरे जिले में पंचायत चुनाव का शोर है, तो वहीं जिले की एक ग्राम पंचायत ऐसी भी है, जहां के लोगों को इस चुनाव से कोई मतलब नहीं हैं, दूसरे प्रत्याशी अपनी रातों की नींद उड़ाकर जीत के गुणा-भाग में लगे हैं तो वहीं मांजरोद में लोग अपने दैनिक काम करते नजर आते हैं। कुछ सुबह से ही खेतों में चले जाते हैं तो कुछ पीएम आवास बनाने के काम में जुट जाते हैं।

पूरे गांव में पसरा सन्नाटा

मांजरोद में पूरी पंचायत निर्विरोध चुनी गई थी। यहां 60 साल से चुनाव नहीं हुए। इसका फायदा ग्रामीणों को होता है। यहां कोई चुनावी शोर नजर नहीं आता। जबकि दूसरी पंचायतों में प्रतिदिन प्रचार-प्रसार की धूम मची हुई है। पूर्व सरपंच अशोक जावरकर ने कहा- निर्विरोध निर्वाचन में पैसे की बर्बादी नहीं होती। समय भी बचता है। सभी अपने-अपने कामों में लगे रहते हैं।