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  • Illegal Part Of The House Under Construction Of Dr. Navlakhe, The Main Accused In The 12 Crore Scam In The District Hospital, Was Broken.

कार्रवाई निगम ने 70 से ज्यादा को जारी किए नोटिस:जिला अस्पताल में 12 करोड़ के घोटाले के मुख्य आरोपी डॉ. नवलखे के निर्माणाधीन मकान का अवैध हिस्सा तोड़ा

बुरहानपुर9 दिन पहले
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डॉ. प्रतीक के भवन के अवैध निर्माण को जेसीबी से ताेड़ा गया। - Dainik Bhaskar
डॉ. प्रतीक के भवन के अवैध निर्माण को जेसीबी से ताेड़ा गया।

जिला अस्पताल घोटाले में मुख्य आरोपी डॉ. प्रतीक नवलखे के अवैध निर्माण को नगर निगम ने तोड़ा है। लालबाग में वृंदावन कॉलोनी में निर्माणाधिन मकान में स्वीकृत नक्शे के विपरित 1.90 मीटर हिस्से में ज्यादा निर्माण हुआ था। इसकी कंपाउंडिंग के लिए निगम ने दो बार नोटिस जारी किए, लेकिन जवाब नहीं आने पर बुधवार दोपहर इसे तोड़ दिया गया। निगम ने ऐसे 70 भवन मालिकों को नोटिस जारी किए है। कंपाउंडिंग नहीं होने पर हर सप्ताह दो से तीन अवैध निर्माण तोड़े जाएंगे।

साल 2022 में जिला अस्पताल घोटाला सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। कोरोना संक्रमण के समय चिकित्सा सुविधा और कोरोना संक्रमितों की व्यवस्था के लिए आई करोड़ों रुपए की राशि का दुरुपयोग कर घोटाला हुआ था। इसमें मास्टर माइंड अस्पताल के तत्कालीन आरएमओ डॉ. प्रतीक नवलखे थे।

उन्होंने फर्म के नाम से बिल लगाकर बिना कुछ खरीदे और सामान सप्लाय किए ही करोड़ों रुपए की राशि सरकारी खातों से निकाल ली थी। इस मामले में 17 लोगों को आरोपी बनाया गया है। करीब साढ़े 12 करोड़ रुपए का यह पूरा घोटाला है। डॉ. प्रतीक का लालबाग रोड पर वृंदावन कॉलोनी में एक मंजिला मकान बन रहा है। मकान का नक्शा नगर निगम से स्वीकृत कराया था, लेकिन स्वीकृत नक्शे के विपरित यहां निर्माण कार्य कराया गया।

जांच के बाद नगर निगम ने नोटिस जारी कर इसे तोड़ने या फिर कंपाउंडिंग कराकर राशि जमा करने को कहा था। लेकिन ऐसा नहीं किया गया। दो नोटिस के बाद भी में जवाब नहीं देने पर निगम ने बुधवार दोपहर जेसीबी से अवैध निर्माण को तोड़ दिया। कार्रवाई के दौरान तहसीलदार रामलाल पगारे भी यहां मौजूद रहे। डॉ. प्रतीक नवलखे के खिलाफ जून 2022 में केस दर्ज हुआ था और आठ महीने बाद यह कार्रवाई की गई है।

कंपाउंडिंग नहीं कराई, तो निर्माण को अवैध मानकर तोड़ेगा नगर निगम
नगर निगम सीमा क्षेत्र आवास, व्यवसायिक भवन निर्माण के लिए नगर निगम से अनुमति लेना जरूरी है। निगम द्वारा जिस नक्शे को स्वीकृति दी जाती है, उससे ज्यादा निर्माण या उसमें बदलाव करने पर वह अवैध निर्माण की श्रेणी में आता है। इसके लिए निगम से कंपाउंडिंग कराना जरूरी है। निगम ऐसे चिन्हित भवनों को नोटिस दे चुका है। यदि भवन स्वामी कंपाउंडिंग नहीं कराते है, तो निगम इसे अवैध निर्माण मानकर तोड़ने की कार्रवाई करेंगे।

70 भवन मालिकों को कंपाउंडिंग के लिए नोटिस जारी किए है। भवन मालिक कंपाउंडिंग के लिए नहीं आते है, तो उनके निर्माण भी इसी तरह तोड़े जाएंगे। हर सप्ताह ऐसे भवनांे को तोड़ने की कार्रवाई होगी।
- विशाल मोहे, प्रभारी कार्यपालन यंत्री, नगर निगम

आर्थिक संकट, इसलिए आय बढ़ाने के लिए अब सख्ती कर रहा निगम
वर्तमान में नगर निगम की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। आय के स्रोत कम होने और वसूली भी काफी कम होने के कारण निगम अपने खर्च भी नहीं चला पा रहा है। इसलिए अब कर वसूली से लेकर आय वृद्धि के लिए निगम हर तरह से सख्ती करने जा रहा है।

कर वसूली के लिए वार्ड वार अभियान चलाया है। संपत्ति कर और राजस्व कर वृद्धि के लिए भवनों की कंपाउंडिंग करना जरूरी है। पिछले ढाई दशक से यह नहीं हुई है। कंपाउंडिंग के लिए भी निगम एजेंसी नियुक्त करने की तैयारी में है। कंपाउंडिंग होने के बाद 20% तक कर वृद्धि होने की उम्मीद है।

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