जंगल राज खत्म करने की तैयारी:जंगल से 200 से ज्यादा अतिक्रमणकारियों को खदेड़ेंगे, 800 से ज्यादा का बल बुलाया

बुरहानपुर2 महीने पहले
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नावरा रेंज में जंगलराज को पूरी तरह खत्म करने की तैयारी चल रही है। जंगल में घुसकर बैठे 200 से ज्यादा अतिक्रमणकारियों को खदेड़ने के साथ जंगल में किए अतिक्रमण को मुक्त कराने के लिए जल्द बढ़ा अभियान होगा। इसकी तैयारी के लिए बीएसएफ, पुलिस और वन विभाग का 800 से ज्यादा का बल बुलाया है। घाघरला जहां सबसे ज्यादा अतिक्रमण हो रहा है, यहां पंचायत में निगरानी सेंटर बनेगा, इसकी व्यवस्थाएं की जा रही है। यहां बीएसएफ के बल को तैनात किया जा सकता है।

पिछले दो माह से नावरा रेंज में जंगल में अवैध अतिक्रमण के लिए कटाई चल रही है। राजस्व, पुलिस और वन विभाग ने समय-समय पर इसे रोकने का प्रयास किया। लेकिन अतिक्रमणकारी इतने उग्र हो गए है कि सरकारी अफसर-कर्मियों पर हमला करना आम बात हो गई है। पत्थर, तीर-गोफन से हमला होता है। इस उग्र तेवर को देखते हुए अब जंगल राज को पूरी तरह खत्म करना पुलिस-प्रशासन को लिए जरूरी हो गया है। घाघरला में निगरानी सेंटर बनाने की तैयारी हो रही है।

एक कमरे में सीसीटीवी लगाकर निगरानी होगी। यहां बीएसएफ को तैनात किया जा सकता है। क्योंकि अतिक्रमणकारी जंगल से निकलकर अब गांव तक आने लगे है। वहीं असीरगढ़, सीवल, बाकड़ी, घाघरला में अतिरिक्त बल भी तैनात रहेगा, ताकि अतिक्रमणकारियों को चारों ओर से खदेड़ सके।

8 अक्टूबर के बाद से अवैध कटाई को लेकर बड़ा संघर्ष
नेपानगर के नावरा क्षेत्र में लंबे समय से वन कटाई हो रही है, लेकिन 8 अक्टूबर से अवैध कटाई को लेकर संघर्ष बढ़ गया है। अक्टूबर माह में अतिक्रमणकारियों ने नावरा रेंज की पानखेड़ा बीट का जंगल काटा। सख्ती दिखाने पर वनकर्मियों पर लगातार हमले हुए। विरोध करने पर गांव में भी अतिक्रमणकारी घुस आए थे। तीन से चार दिन पहले 200 से अधिक अतिक्रमणकारी घाघरला के जंगल में घुस आए और कटाई करने लगे।

ड्रोन से निगरानी में नहीं दिखे कोई अतिक्रमणकारी

सोमवार दोपहर घाघरला से लगे जंगल में ड्रोन से निगरानी की गई। इसमें कहीं भी अतिक्रमणकारी नजर नहीं आए। दरअसल प्रशासन टीम पहुंचने पर अतिक्रमणकारी मौके से भाग निकलते हैं, लेकिन अब प्रशासन भी सख्त नजर आ रहा है। ड्रोन से लगातार हो रही निगरानी के कारण दो दिन से कटाई पर कुछ हद तक पाबंदी लगी है। ग्रामीणों का कहना है इसका स्थायी निराकरण करना जरूरी है। निगरानी के दौरान एसडीएम हेमलता सोलंकी, तहसीलदार प्रवीण ओहरिया भी यहां पहुंचे।

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